100 गज जमीन मिली, आधा एकड़ पर बना दिया भवन
तहसील की जमीन पर जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा कब्जा करने का आरोप
स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा तहसील व जिला प्रशासन से शिकायत करने पर भी नहीं हुई सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
तावडू। लगभग एक दशक पूर्व नगर में पेयजल सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए तहसील परिसर में बूस्टर बनाने के उद्देश्य से जनहित में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा करीब 100 गज का भूखंड लिया गया था। लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर तहसील प्रशासन से कथित मेलजोल कर करीब आधा एकड़ भूमि की चारदीवारी कर उसमें भवन निर्माण कर लिया और आवाजाही के लिए बगल से गुजर रही सड़क में तहसील की चारदीवारी को तोड़कर मुख्य द्वार भी बना लिया है। इसे लेकर नगरवासियों में तहसील प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।
अखिल भारतीय शहीदाने मेवात सभा, जनसेवक समाज, आरटीआई जागृति मंच, धार्मिक जागृति मंच, तावडू उप मंडल विकास समिति आदि समेत दर्जनों स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े प्रमुख लोगों ने तहसील प्रशासन से कथित मेलजोल कर हथियाई गई बेशकीमती जमीन को लेकर स्थानीय व जिला प्रशासन को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। अधिवक्ता हासम खान, अधिवक्ता रमजान चौधरी, डीके अग्रवाल, नरेन्द्र टोकस के अलावा नम्बरदार सुरेन्द्र, इसराईल, यूनुस, समसुदीन, निसार खान व अली मोहम्मद आदि का आरोप है कि तहसील परिसर की खाली पड़ी बेशकीमती भूमि पर आसपास रह रहे लोगों के अलावा जन स्वास्थ्य विभाग की लंबे समय से निगाह टिकी हुई थी। जन स्वास्थ्य विभाग ने 100 गज भूमि की जगह आधा एकड़ जमीन पर अपना कब्जा जमाकर यहां के लिए सरकार की बन रही अन्य योजनाओं का समीकरण बिगाड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संस्थाओं द्वारा प्रशासन को की गई शिकायत पर संज्ञान लेकर जल्द कड़ी कार्रवाई अमल में लानी चाहिए अन्यथा वह मुख्यमंत्री मनोहरलाल व सीएम विजिलेंस को शिकायत भेज इस मामले की निष्पक्ष रूप से जांच कराकर संलिप्त के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा तहसील प्रशासन की बिना अनुमति के करीब आधा एकड़ जमीन पर नाजायज कब्जा कर भवन बनाया जा रहा है। मामले के संज्ञान में आते ही काम को बंद कराकर जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। वर्ष 2002 में 100 गज भूमि बूस्टर बनाने के लिए तहसील प्रशासन द्वारा जनहित में दी गई थी। - राकेश कुमार, तहसीलदार
फोटो कैप्शन: जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा तहसील की भूमि में बनाया गया भवन