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सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन व ट्रैफिक नियमो की अनदेखी के कारण जिले में छात्रों का जीवन असुरक्षित।

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कैंटर ने ऑटो में मारी टक्कर, छात्र की मौत
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- 5 अन्य छात्रों सहित चालक घायल
- दिल्ली-अलवर मार्ग पर हुई घटना, कैंटर छोड़कर चालक फरार
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर झिरका। स्कूली वाहनों के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइड लाइन व जिले में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी छात्रों की जान पर भारी पड़ रही है। मंगलवार को बड़कली से स्कूल ले जा रहे छात्रों से भरे ऑटो को दिल्ली-अलवर मार्ग पर सामने से तेज रफ्तार आ रहे केंटर ने टक्कर मार दी। जिसमें एक छात्र की मौके पर मौत हो गई और 5 गंभीर रूप से घायल हो गए। पिछले एक सप्ताह में स्कूल जा रहे बच्चों के वाहन टकराने की यह दूसरी बड़ी घटना है। झिरका पुलिस ने मृतक छात्र के शव का पोस्टमार्टम करा कर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है।
दिल्ली-अलवर मार्ग पर बोडी कोठी के पास हुए इस हादसे में ऑटो में बैठे नासिर पुत्र खालिद निवासी नगीना की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं ऑटो चालक जब्बार पुत्र हमीद निवासी उलेटा सहित छात्र तय्यब पुत्र कासम निवासी झिमरावत, नासिर पुत्र गफ्फार निवासी नगीना, नासिर पुत्र कासम निवासी पिनगवां, आरिफ पुत्र हमीद निवासी अकबरपुर, मुसर्रफ पुत्र जाकिर निवासी नगीना गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुर्घटना में ऑटो चालक जब्बार गंभीर रूप से घायल है। यह घटना लगभग 10 बजे की है। इस घटना की सूचना मिलने पर दिल्ली-अलवर मार्ग व सिविल अस्पताल मांडीखेड़ा में लोगों का तांता लग गया।
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फिरोजपुर झिरका थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई और घायल बच्चों व तिपहिया चालक को उपचार के लिए सिविल अस्पताल मांडीखेड़ा में दाखिल कराया। उसके बाद टक्कर मारने वाले केंटर को पुलिस के कब्जे में लेने के बाद अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मृतक छात्र के शव का पोस्टमार्टम करा कर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है। वहीं घायल ऑटो चालक जब्बार की नाजुक हालत को देखते हुए उसे दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया है।
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सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करना पड़ रहा जान पर भारी
स्कूली बच्चों के जीवन की रक्षा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हर स्कूल को सख्त गाइड लाइन जारी की है। गाइडलाइन के अनुसार स्कूली वाहन चालक को पांच साल वाहन चलाने का अनुभव होना चाहिए। उसका ड्राइविंग लाइसेंस नियमित रूप से नवीनीकरण किया हुआ होना चाहिए। वाहन का फिटनेस, रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस अपडेट रहना चाहिए तथा उसमें जीपीएस भी लगा होना चाहिए। आपात स्थिति से निपटने के लिए हर स्कूली वाहन में एक सुरक्षा प्रहरी रहना अनिवार्य किया गया है। इस गाइड लाइन का बच्चों को लाने व ले जाने वाले हर वाहन चालक को पालन करना अनिवार्य है। लेकिन जिले में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों के जीवन को लेकर स्कूल व वाहन मालिक दोनों गंभीर नहीं है। प्रशासन अगर सख्ती दिखाए तो ऐसी घटनाओं पर विराम लगाया जा सकता है।
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