राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में सस्ते उपचार की आस में आने वाले मरीजों को झटका लगेगा। गवर्निंग बॉडी से लिखित में मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही एक रुपये की पर्ची अब 50 रुपये की हो जाएगी। एक पर्ची मरीज के लिए तीन महीने तक काम करेगी। शासन का अधिकारिक पत्र दो दिन पूर्व ही जिम्स प्रशासन को मिल गया है। जिम्स की ओपीडी में हर दिन 1500 से 2000 मरीज उपचार कराने आते हैं। औसतन 50 हजार मरीज अस्पताल में इलाज कराते हैं। हालांकि इसे लागू कब किया जाएगा ? इसकी तारीख अभी तय नहीं है। जिम्स प्रबंधन कभी भी इसकी घोषणा कर सकता है।
जिम्स को जिला अस्पताल मत बनाइए
पांच जुलाई को लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गवर्निंग बॉडी की मीटिंग हुई। बैठक में अस्पताल के आय के श्रोत पर चर्चा हुई। वहां स्पष्ट कहा कि जिम्स एक संस्थान है। इसे जिला अस्पताल मत बनाइए। सूत्रों ने बताया कि आला अफसरों ने 100 रुपये की पर्ची रखने की बात कही। इस पर जिम्स निदेशक ने मरीजों की परेशानी को देखते हुए एतराज जताया। अंत में 50 रुपये तय किए गए।
मरीजों पर बढ़ता जाएगा बोझ
संजय गांधी पीजीआई, राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चिकित्सीय सेवाओं के एवज में लिए जा रहे पैसे की दलील देकर 50 रुपये बढ़ाए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि मरीजों को खाने और अन्य सुविधाओं के पैसे भी अब चुकाने होंगे। जल्द ही इसकी दरें भी तय कर दी जाएंगी। वहीं, आलोचनात्मक पहलू यह है कि पीजीआई, राममनोहर लोहिया की सुविधाओं के मुकाबले जिम्स अभी कहीं नहीं ठहरता है। बिना सुविधाएं बढ़ाए पर्ची और सुविधाओं के दाम बढ़ाना कहां तक उचित है?
बीपीएल कार्ड धारकों को मिल सकती है राहत
शासन ने तो साफ कहा कि मरीजों की पर्ची 50 रुपये की हो। वहीं, जिम्स प्रशासन बीपीएल कार्ड धारकों को राहत देने के मूड में हैं। सूत्रों ने बताया कि इसे लेकर हाल में जिम्स प्रशासन ने बैठक कर चर्चा भी की। जिम्स गरीबों के मुफ्त उपचार का पक्षधर है। हालांकि इस बाबत शासन से रायशुमारी की जा रही है।
लखनऊ में गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई थी। जिम्स में उपचार की पर्ची एक रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये करना तय हुआ है। शासन के दिशानिर्देश लिखित में प्राप्त हो गए हैं। जल्द ही विचार-विमर्श कर नई व्यवस्था लागू होगी।
-ब्रिगेडियर डॉ राकेश गुप्ता, निदेशक, जिम्स