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इलाज में सहयोग नहीं कर रही थी बच्ची, तो मां ने खोज निकाला ये तरीका 

Thu, 29 Aug 2019 11:10 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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जिक्रा और परी - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली में लोक नायक अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग में ग्यारह महीने की बच्ची जिक्रा मलिक के पैर टूटने की घटना सामने आई है। जिक्रा अपने बिस्तर से नीचे गिर गई थी, जिससे उसके एक पैर की हड्डी टूट  गई थी। 
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घटना 17 अगस्त की बताई जा रही है, जब बच्ची दिल्ली गेट स्थित अपने घर में बिस्तर से गिर गई। परिवार के लोग जल्दी से उसे लोक नायक अस्पताल में इलाज के लिए ले आएं। जहां उन्हें पता चला कि बच्ची के बाएं पैर की हड्डी टूट गई है। डॉक्टरों ने बच्ची का उपचार ट्रैक्शन विधि से करने का निर्णय लिया।

ट्रैक्शन का मतलब होता है नियमित खिचांव, यह विधि दो साल से कम उम्र के बच्चों  के उपचार के लिए प्रयोग में लाई जाती है। यह विधि 15 किलोग्राम से कम वजन वाले बच्चों की जांघ या कमर की हड्डी डिसलोकेट होने के उपचार के लिए उपयोग की जाती है।
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जिक्रा उपचार के पहले दिन काफी हिल  रही थी, जिसपर डॉक्टरों के परिवार वालों को उसे सही पोजीशन में रखने के लिए कहा। जिक्रा की मां ने उसकी गुड़िया को भी उसी स्थिती में रखने के लिए सोचा ताकि जिक्रा भी इलाज में सहयोग करे और यह तरकीब काम आई। जिक्रा अब सही पोजीशन में अपनी गुड़िया परी के साथ इलाज में पूरा सहयोग कर रही है। 

विभाग में अब सब उसे गुड़िया वाली बच्ची कहकर बुलाते है। जिक्रा को अस्पताल में दो हफ्ते हो गए है, और अब उसे ठीक होने में एक हफ्ता और लगेगा।  जिक्रा के पिता शहजाद का कहना है कि गुड़िया के साथ रहकर उसे लगता है कि कोई उसके साथ है। घर पर भी हम गुड़िया को जिक्रा की दोस्त की तरह मानते है। 

डॉ. अजय गुप्ता का कहना है कि हमने जब गुड़िया को बच्ची के बिस्तर पर देखा तो हमें आश्चर्य हुआ। बच्ची उपचार के दौरान लगातार रो रही थी, हमने बच्ची के दर्द करने के लिए दवाईयां दी, उसे बहलाने के लिए चॉकलेट दी पर कोई भी तरीका काम नहीं आया। बच्ची ने उपचार में एक घंटे भी सहयोग नहीं किया, पर अब गुड़िया के आने के बाद से जिक्रा इलाज में पूरा सहयोग कर रही है।  
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