45 को मिली जमानत, रिहा होते ही 29 किसान दोबारा पहुंचे जेल
- प्रमुख नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर जेल परिसर में किया हंगामा, मजिस्ट्रेट ने की कार्रवाई, 16 किसान घर लौटे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। 10 फीसदी भूखंड और नए कानून के तहत मुआवजा वितरण सहित अन्य मांगों के लिए आंदोलन करने वाले 45 किसानों की रिहाई का परवाना बुधवार को लुक्सर जेल पहुंच गया था। जमानत मिलने के बाद गेट से बाहर आए किसानों ने प्रमुख नेताओं की जमानत नहीं मिलने के विरोध में हंगामा शुरू कर दिया। प्रशासन और पुलिस ने उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। नहीं मानने पर 29 किसानों को शांति भंग की धारा में चालान कर दोबारा जेल भेज दिया गया। बुधवार को 16 किसान जेल से घर लौटे।
विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले किसान पिछले कई दिनों से लुक्सर जेल में बंद हैं। अदालत ने मंगलवार को 45 किसानों की जमानत मंजूर की थी। हालांकि देर रात तक परवाना जेल तक नहीं पहुंचने के कारण किसानों की रिहाई रात तक नहीं हो पाई थी। बुधवार सुबह किसानों को जेल से रिहा किया गया। जेल से बाहर आते ही किसानों ने प्रमुख नेता सुनील फौजी, सुखबीर खलीफा और डॉ. रूपेश वर्मा सहित अन्य को भी रिहा करने की मांग पर अड़ गए और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। लाख प्रयास के बाद भी समझाने पर किसान नहीं माने तो मजिस्ट्रेट ने 29 किसानों का चालान शांति भंग में करके उन्हें दोबारा जेल भेजने का आदेश दे दिया। बाकी बचे 16 किसान घर लौट गए। गिरफ्तार किए गए किसानों में मुख्य रूप से प्रमोद शर्मा, सोनू पहलवान, अतुल यादव, सुशील समेत किसान शामिल हैं।
किसान संगठनों की गतिविधियों पर नजर
किसानों की रिहाई के साथ ही पुलिस और प्रशासन लगातार संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। गांवों में पुलिस लगातार जमानत पर बाहर आए किसानों की कार्यशैली की रिपोर्ट भी तैयार कर रही है।
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