शहरी और ग्रामीण विकास पर खर्च किए जाएंगे 4640 करोड़
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की 199वीं बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 5037 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव दिया गया है। इसमें गांवों के लिए 125 करोड़ और शहरी विकास एवं निर्माण कार्यों पर 2128.71 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में 5827 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। 2020-21 के लिए 5037 करोड़ रुपये आय और 4640 करोड़ रुपये व्यय का लक्ष्य रखा गया है। बोर्ड बैठक में 37 पूरक और 15 अनुपूरक प्रस्ताव लाए गए हैं। इस बार भूमि अधिग्रहण पर 1000 करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा। वहीं, सड़कों की मरम्मत एवं नालियों के निर्माण सहित अन्य अनुरक्षण कार्यों पर 1078.11 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है। ऋण एवं अग्रिम मद पर भी 65 करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा। बोर्ड बैठक में औद्योगिक विकास आयुक्त व नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन आलोक टंडन, सीईओ रितु माहेश्वरी, ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह सहित अन्य अधिकारी सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय के बोर्ड रूम में उपस्थित रहे। जबकि अन्य अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
अगले साल से महंगा होगा पेयजल
प्राधिकरण ने पिछले दिनों पानी के प्रभार को 7.5 प्रतिशत तक बढ़ाने को लेकर कवायद शुरू की थी, लेकिन सोशल मीडिया में विरोध और स्थानीय निवासियों की ओर से ज्ञापन आदि दिए जाने के बाद प्राधिकरण ने फैसला लिया है कि बढ़ी हुईं दरें मार्च 2021 के बाद लागू होंगी। इससे पहले प्राधिकरण ने बकाया जमा करने पर 31 जुलाई तक 10 प्रतिशत तक की छूट दी थी।
8000 घरों में लगेंगे वाटर मीटर
नोएडा प्राधिकरण शहर में 8000 वाटर मीटर लगाने जा रहा है। इस कार्य में एजेंसी की ओर से सॉफ्टवेयर के माध्यम से डाटा प्राप्त किया जा सकेगा। इसके अलावा बिल वितरण करने सहित 10 वर्ष तक इसके रखरखाव की भी जिम्मेदारी होगी। बोर्ड बैठक में 79210 वाटर मीटर लगाने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन फिलहाल 10 प्रतिशत घरों में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर इसे शुरू करने का फैसला किया गया है। इससे पहले प्राधिकरण करीब 158 सेक्टरों व 62 गांवों में गंगाजल मिश्रित पानी की आपूर्ति कर रहा है। इसके एवज में तय शुल्क लिया जाता है। प्राधिकरण का मानना है कि वाटर मीटर लगाने से शुद्ध पेयजल की बर्बादी पर लगाम लगेगा।
भारतीय विरासत की कहानी बयां करेगा वेद वन पार्क
नोएडा प्राधिकरण सेक्टर-78 में वेद वन पार्क विकसित करेगा। इसका मकसद आज की पीढ़ी को भारतीय विरासत के बारे में बताना होगा। यहां ऋषि-मुनियों की कहानी को अलग-अलग तरीके से बताया जाएगा। इसके लिए एक एजेंसी से एमओयू साइन कराया जा चुका है, जो कंसलटेंट का काम करेगी। पार्क में जन सुविधाएं, फुटपाथ, ओपन जिम, ओपन एयर थियेटर, लेजर शो और झूले आदि आकर्षण के केंद्र होंगे। इसके बनने से 10 हाईराइज सोसाइटियों के करीब 20 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इसको बनाने में 30 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
बकाये पर ब्याज कम करने का प्रस्ताव
औद्योगिक , संस्थागत और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लीज रेंट और जल प्रभार जमा करने में देरी पर लगने वाले ब्याज को 22 मार्च से 30 जून तक के लिए माफ कर दिया गया था। इसके अलावा तय समय में पैसे जमा नहीं करने पर साधारण ब्याज और डिफॉल्टर की हालत में पूरा ब्याज लेने का आदेश शासन से आया था। इस आदेश को प्राधिकरण ने स्वीकार कर लिया। हालांकि, इसे पहले से ही लागू कर दिया गया था। इसके अलावा बिल्डरों के बकाये पर भी ब्याजदर को 8.5 प्रतिशत तक करने का आदेश शासन से आया था। इसे भी प्राधिकरण ने स्वीकार लिया। यह आदेश भी पहले से ही लागू है।
6 माह तक निशुल्क समय विस्तार का तोहफा
कोविड महामारी की वजह से बिल्डरों ने काम पूरा करने की तिथि को छह माह तक बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके तहत उनको 6 माह तक के समय विस्तार का तोहफा दिया जा चुका है। इसे बोर्ड में स्वीकृति के लिए पेश किया गया।