नोएडा में 45 वर्षीय कोरोना संक्रमित महिला की शनिवार को मौत हो गई।
मृतक के परिवार अंतिम दर्शन के लिए सीएनजी श्मशान घाट पर आए। दाह संस्कार करने से पहले परिजनों ने उन्हें देखा और देखते ही फूट-फूटकर रोने लगे।
कोरोना के कहर से सांसें थमती जा रही हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि अस्पताल में कहीं बेड खाली नहीं है और बेड मिल भी जाए तो ऑक्सीजन के बिना मरीजों की जान जा रही है। इसी बीच नोएडा में 45 वर्षीय कोरोना संक्रमित महिला की शनिवार को मौत हो गई।
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मृतक के परिवार अंतिम दर्शन के लिए सीएनजी श्मशान घाट पर आए। दाह संस्कार करने से पहले परिजनों ने उन्हें देखा और देखते ही फूट-फूटकर रोने लगे। मृतक के एक संबंधी ने कहा कि हमलोग उन्हें छू नहीं सकते थे, लेकिन अंतिम दर्शन के लिए सब आए।
वहीं दूसरी तरफ घर में पुरुषों के नहीं होने पर महिलाएं परिजन का शव लेकर नोएडा के सेक्टर-94 स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करने आ रही है और अंजान लोगों से अंतिम संस्कार की रस्म पूरी कराने को मजबूर है।
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शुक्रवार को नोएडा निवासी महिला 8 वर्षीय बेटी को लेकर पति का अंतिम संस्कार करने पहुंची। महिला ने बताया कि उसके ससुर अमेरिका में डॉक्टर हैं। पति की कोरोना से मौत हो गई है। हालांकि महिला ने अपने बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी। श्मशान घाट संचालन की टीम के सदस्यों ने औपचारिकता पूरी कराई।
महिला के आग्रह पर टीम के एक सदस्य ने चिता को अग्नि दी। वहीं, दोपहर में एक महिला परिजन का अंतिम संस्कार करने पहुंची। महिला ने खुद चिता को मुखाग्नि दी। टीम के सदस्यों ने बताया कि गत एक सप्ताह से रोजाना कई महिलाएं अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने के लिए आ रही है।
सेक्टर-94 में सिर्फ कोविड से मरने वालों का होगा अंतिम संस्कार
नोएडा के सेक्टर-94ए स्थित अंतिम निवास में बढ़ती शवों की संख्या को देखते हुए प्राधिकरण ने व्यवस्था में बदलाव किया है। अब अंतिम निवास में सिर्फ कोविड से मरने वालों का अंतिम संस्कार होगा। बाकी के लिए शहर में चार जगह चिह्नित की गई हैं।