मेट्रो का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या लगातार शहर में बढ़ रही है। ऐसे में मेट्रो में भीड़ दिखना लाजमी है। खासकर सुबह और शाम के वक्त ऑफिस आने जाने वालों की एक बड़ी संख्या मेट्रो में देखने को मिलती है, लेकिन मेट्रो में सीट की संख्या कम होना एक बड़ी समस्या है।
मेट्रो में बैठने के लिए कुछ ही सीटें होती हैं जिनमें से अधिकांश बुजुर्गों, दिव्यागों व महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं। इनकी संख्या भी बहुत ज्यादा नहीं है। सिटी सेंटर पर शाम के 5 से 8 के वक्त यदि महिला कोच में दाखिल होना है तो सीट पाना बेहद टेढ़ी खीर है।
कई बार आरक्षित सीटों पर भी कई लोग जबरन कब्जा जमा लेते हैं जिससे मेट्रो में लोगों में कहासुनी व विवाद के मामले सामान्य हैं। रोज आवागमन करने वालों के लिए खड़े-खड़े सफर करना अब आम बात है।