एडीएम-रिटायर्ड कर्नल विवाद के तूल पकड़ने के बाद शासन स्तर से संज्ञान के बाद प्राधिकरण जाग गया है। प्राधिकरण का यह मानना है कि कई सेक्टरों में मकान मालिकों ने कुछ न कुछ निर्माण कर लिया है। अब प्राधिकरण ने ऐसे अतिक्रमण और अवैध निर्माण को नियमों के तहत नियमित करने की कवायद शुरू की है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है जो सेक्टरों के अतिक्रमण का पता लगाएगी। इसके बाद यह जांच की जाएगी कि यहां कितना अतिक्रमण किया गया है। अगर यह अतिक्रमण नियमों के दायरे में आता है तो प्राधिकरण बाजार मूल्य और जमीन की कीमत के आधार पर पैसे वसूलकर निर्माण को नियमित करेगा, लेकिन अगर यह निर्माण नियमों के दायरे से बाहर किया गया है तो इसे तोड़ने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।
कमेटी की बैठक 5 सितंबर को होनी है। इसमें चर्चा के बाद एक राय बनाकर मामले के हल के लिए कवायद शुरू होगी। दरअसल, अगर किसी मकान में अतिरिक्त निर्माण कर लिया गया है तो उसे तोड़ने से पहले नक्शे के आधार पर जांच की जाती है। अगर नक्शे के मुताबिक कोई निर्माण किया गया है तो उसको नियमित करने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद अगर कुछ पाया जाता है तो इस पर कमेटी के फैसले के बाद कार्रवाई होगी।