अंगदान के लिए ऑनलाइन पोर्टल व चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राजधानी के सरकारी अस्पतालों को बृहस्पतिवार को टीबी की आधुनिक जांच के लिए 40 ट्रूनैट , 10 पैथोडिटेक्ट व 27 हैंडहेल्ड एक्सरे मशीनें और 11 कैट्स एंबुलेंस की सौगात मिली। अंगदान के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल और चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) को भी शुरू किया गया। सेवा पखवाड़े के अंतर्गत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को इन सेवाओं की शुरुआत की। इससे आम लोगों को चिकित्सा के क्षेत्र में कुछ हद तक राहत मिलेगी।
सचिवालय में टीबी हारेगा, देश जीतेगा कार्यक्रम के तहत टीबी जागरूकता पुस्तिका का विमोचन कर पोषण युक्त खाद्य किट बांटी गई। वहीं, मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन अंगदान पोर्टल जारी करते हुए कहा कि उन्होंने 2011 में ही अंग और देहदान कर दिया है लेकिन तब इस तरह से ऑनलाइन देहदान करने की सुविधा नहीं थी। अंगदान जीवन बचाने का एक पवित्र काम है। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में कुछ समय पहले 150 नई डायलिसिस मशीनें पीपीपी मॉडल पर लगाई गईं थीं। अब इनकी संख्या बढ़कर 300 हो गई है।
पिज्जा डिलीवरी से पहले पहुंचेगी एंबुलेंस : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 नई कैट्स एंबुलेंस के साथ अब कुल 277 कैट्स एंबुलेंस सेवा में हैं। अक्तूबर में 53 और नई बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस आएंगी। सरकार ने एक साल के भीतर 1000 एंबुलेंस करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली में एंबुलेंस पिज्जा डिलिवरी से पहले लोगों के घरों तक पहुंचेगी।
डीईआईसी शिशु चिकित्सा के लिए अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए 25 चेस्ट क्लीनिक से 190 केंद्रों व 334 उपचार केंद्रों में सेवाएं मजबूत होंगी। 100 दिनों में दिल्ली में करीब 56,000 लोगों की जांच हुई जिसमें टीबी के 1000 मरीज मिले। सभी को इलाज के लिए भेजा गया है। चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय डीईआईसी की शुरुआत से शिशुओं में विकास से संबंधी जांच और प्रारंभिक उपचार आसान होगा। अस्पतालों में आधुनिक तकनीक, सस्ती दवाइयां, मुफ्त जांच की सुविधा बढ़ेंगी। केवल 167 दिन में 168 आयुष्मान आरोग्य मंदिर रोल मॉडल बन गए हैं। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली के इतिहास में पहली बार 1300 नर्सों और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की स्थायी नियुक्ति की गई है। डायलिसिस मशीनें 300 हो गई हैं।