गाजियाबाद। सोसायटियों को अपने कचरे के निस्तारण के लिए सख्ती की जाएगी। इसके लिए 362 सोसायटियों को चयनित किया जा चुका है। जिसमें से 31 सोसायटियों ने अपने यहां के गीले कचरे का निस्तारण शुरु कर दिया है। नगर निगम के अधिकारी जल्द ही अन्य सोसायटियों पर भी सख्ती करके कार्य पूरा कराएंगे।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि बताया कि रोजाना 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान या प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में ही उचित तरीके से कचरे का निस्तारण करना आवश्यक है। नियमों का पालन नहीं किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। एक जुलाई से अभियान चलाया जाएगा और कचरा निस्तारण नहीं करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के दायरे में आने वालों को सूखे और गीले कचरे का निस्तारण करना होता है। परिसर में ही कंपोस्टिंग का कार्य किया जाना अनिवार्य है। होम कंपोस्टिंग पिट के माध्यम से ऐसा किया जा सकता है।
लगेगा 50 हजार का जुर्माना : नगर निगम के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2018 के तहत बल्क में कचरा उत्पादन करने वाले प्रतिष्ठानों को खुद ही गीले कचरे का निस्तारण करना है।
प्लास्टिक की पैकिंग में उत्पाद बेचने वाली कंपनियों को पैकिंग वापस लेने के लिए री-बैक पॉलिसी बनानी है। ऐसा नहीं हो रहा है। स्कूलों में भी गीले कचरे का निस्तारण किया जाना था। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब तलब किया था। अधिकांश प्रतिष्ठानों ने नगर निगम को अपना जवाब भेज दिया है। इन पर अब जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिकतम 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।