पुन्हाना (यूनुस अल्वी)। फिरोजपुर झिरका खंड स्थित गांव बीवां के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में करीब 350 छात्र-छात्राओं को केवल एक लेक्चरर पढ़ा रहा है। इसकी वजह से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, गांव की युवा शक्ति टीम के सदस्यों ने चेतावनी देकर कहा है कि अगर एक सप्ताह के अंदर अध्यापक नियुक्त नहीं किए गए तो वे स्कूल के मुख्यद्वार पर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ जाएंगे।
लेक्चरर फनेंद्र गुप्ता ने बताया कि राजस्थान की सीमा पर बसे गांव बीवां में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय काफी पुराना हैं। स्कूल में 9 से 12वीं तक के लगभग 350 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। स्कूल में एक प्रधानाचार्य सहित कुल 12 पोस्ट स्वीकृत हैं। लेकिन, प्रधानाचार्य का पद काफी समय से खाली है। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले पांच लेक्चरों को बीवां के स्कूल में भेजा गया था। लेकिन, वे नवंबर 2019 में ही तबादला कराकर अन्य जिलों में चल गए। तभी से वह अकेले ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अध्यापकों की कमी के बारे में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक अध्यापकों की नियुक्ति नहीं हुई।
स्कूल में पढ़ने वाले रिजवान, दिलशाद और आरती कुमारी ने बताया कि स्कूल में पूरे अध्यापक न होने के कारण उनकी पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है। बहुत से अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में करा दिया है। लेकिन, वे गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं इसलिए प्राइवेट स्कूलों का खर्चा नहीं उठा सकते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनके स्कूल में जल्द से जल्द अध्यापक नियुक्त किए जाए, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावति न है।
वहीं, युवा शक्ति टीम बीवां के सदस्य अब्दुल्लाह खान, इसब खान, मोहम्मद अहमद, शाकिर हुसैन, एमडी इरफान और इरफान मलिक का कहना है कि सरकार बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ का नारा तो दे रही है, लेकिन हकीकत में सरकार की पोल उनके गांव के स्कूल में खुल रही है। उन्होंने चेतावनी देकर कहा है कि अगर एक सप्ताह के अंदर अध्यापक नियुक्त नहीं किए गए तो वे स्कूल के मुख्यद्वार पर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ जाएंगे।
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जिले में लेक्चरों के पदों की काफी कमी है। अपने ब्लॉक से स्कूलों में अध्यापकों की पूर्ति नहीं कर सकते हैं। इसलिए बीवां स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति के लिए उपायुक्त और जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेज चुका हूं।
- इंद्रजीत सिंह मजौका, खंड शिक्षा अधिकारी फिरोजपुर झिरका