फिरोजपुर शहर के मुख्य बाजार में लगा कूड़े का ढेर
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फिरोजपुर झिरका। शहर की अदालत ने पीडी पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर अनिल गोयल की याचिका पर कार्रवाई करते हुए नगरपालिका द्वारा करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए डंपिंग यार्ड पर शहर का कूड़ा डालने पर अस्थायी रोक लगा दी है। इसके बाद शहर में चारों ओर कूड़ा घर बन गया है। इससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। पिछले पांच दिनों से शहर का कूड़ा न उठाए जाने से मुख्य बाजार और लोगों के घरों के सामने कूड़े के ढेर लग गए हैं। इससे बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है। वहीं, तेज हवाओं के कारण कूड़े की बदबू घरों में जाने से लोगों को खाना, पीना और सोना मुश्किल हो गया है। प्रशासन को जानकारी होने के बाद भी अब तक समस्या का समाधान नहीं निकला गया है। वहीं, नगरपालिका चेयरमैन ने कहा कि वह अदालत के आदेश को उच्च अदालत में चुनौती देंगी।
वहीं, अनिल गोयल का कहना है कि वह नगरपालिका से डंपिंग यार्ड में मृतक पशुओं के न डाले जाने की मांग पिछले एक साल से करता आ रहा है। वह नगरपालिका का मनोनीत पार्षद भी है। इसके बावजूद भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उनका कहना है कि स्कूल में लगभग 800 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। मृतक पशुओं की बदबू से छात्र और छात्राओं के साथ-साथ अध्यापकों को भी परेशानी होती है।
उच्च अदालत का खटखटाएंगे दरवाजा
फिरोजपुर झिरका नपा के चेयरमैन अशोक गुर्जर का कहना है कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से शहर के बाहर डंपिंग यार्ड बनाया गया था। यहां पर करीब 40-50 साल से शहर का कूड़ा डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के खिलाफ वे जल्द ही उच्च अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। अदालत के आदेश के बाद नगर पालिका प्रशासन के पास कूड़ा डालने का कोई दूसरा स्थान नहीं बचा है। इस कारण कूड़े के ढेर उठाए नहीं जा रहे हैं।
जल्द होगा समस्या का समाधान : उपमंडल अधिकारी
उपमंडल अधिकारी रीगन कुमार का कहना है कि उन्हें इस मामले के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। सोमवार को कार्यालय खुलने पर सारी जानकारी ली जाएगी। अगर ऐसी समस्या बन रही है तो उसका समाधान जल्द कराया जाएगा।