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डेढ़ हजार पेंशनधारक पेंशन की टेंशन में

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पेंशन रुकने से वृद्धों को परेशानी
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नूंह। अंगूठे का निशान सत्यापित नहीं हो पाने के कारण जिन पेंशनधारकों की पेंशन विभाग ने रोकी थी, उनमें से अभी करीब डेढ़ हजार लोग ऐसे हैं, जिनकी पेंशन अब तक चालू नहीं हुई है। ऐसे में इन लोगों के पेंशन की टेंशन बरकरार है। उनका कहना है कि बुढ़ापे में गुजारा करने का एकमात्र सहारा पेंशन ही रहता है। पेंशन रोके जाने के बाद विभाग में अपने दस्तावेज जमा कर चुके हैं लेकिन अब तक पेंशन चालू नहीं किया गया है। इसके लिए बुजुर्ग लोग प्रतिदिन समाज कल्याण विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें शारीरिक, मानसिक के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी परेशानी हो रही है।
दरअसल, विभाग ने पेंशनधारकों के पेंशन इसलिए रोके थे क्योंकि अधिकतर लोगों का कई महीने से विभाग के पास जीवित होने का सबूत नहीं था। ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकांश लोगों के प्रतिनिधि एटीएम कार्ड के जरिये पेंशनधारक की पेंशन राशि हर महीने निकाल लिया करते थे। जिला समाज कल्याण विभाग को डर था कि पेंशनधारक की मृत्यु के बाद भी कहीं एटीएम से उसकी पेंशन तो नहीं निकाली जा रही है। लिहाजा करीब चार महीने पहले जिले के करीब चार हजार लोगों की पेंशन रोक दी गई थी। जिनमें से अधिकांश ने अपने दस्तावेज जमा करा दिए, लेकिन अभी भी करीब डेढ़ हजार लोग ऐसे हैं, जिनकी पेंशन रुकी हुई है। लिहाजा ऐसे लोग पेंशन की टेंशन लेकर विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
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जालसाजी पर रोक लगाने के लिए रोकी पेंशन :
जिले में करीब 82 हजार पेंशन धारक हैं। इन पेंशनधारकों को बैंक के जरिये तथा गांवों में लगाए गए बैंक मित्रों के जरिये पेंशन दी जाती है। कुछ पेंशनधारक ऐसे हैं जिन्होंने एटीएम लिया हुआ है और वो लगातार एटीएम के जरिये ही पेंशन ले रहे हैं। ऐसे पेंशनधारकों का विभाग के पास अंगूठे का निशान पिछले कई महीने से नहीं पहुंच रहा है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि पेंशन को असल पेंशनधारक ले रहा है या फिर कोई और। इतना ही नहीं प्रदेश में कुछ जगहों पर ऐसे मामले सामने आए हैं कि पेंशनधारक के मरने के बाद उनके परिजन एटीएम के जरिये पेंशन निकालते रहे। ऐसे भ्रष्टाचार व जालसाजी पर रोक लगाने की नियत से विभाग ने जिले के करीब 3750 ऐसे पेंशनधारकों की पेंशन पर रोक लगा दी जो एटीएम के जरिये पेंशन ले रहे थे या जिसने पिछले कई महीने से पेंशन निकाली ही नहीं थी। अब इन लोगों से अंगूठा लगवाकर कुछ दस्तावेज लिए गए हैं। इनमें से करीब दो हजार लोगों की पेंशन चालू हो गई है। लेकिन लगभग डेढ़ हजार लोग अभी भी रह रहे हैं।
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पेंशन की टेंशन बहुत है। पिछले कई महीने से पेंशन नहीं मिली। दस्तावेज भी जमा करा दिए हैं। पता नहीं कहां रुक रही है। - रामजीलाल
सरकार का पहला सिस्टम ठीक था, अनपढ़ लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन को नहीं समझ पाते हैं। सरपंचों के माध्यम से पेंशन बंटनी चाहिए। - अख्तर हुसैन, चेंदनी
दर्जनों चक्कर काट चुके हैं। दस्तावेज भी जमा करा दिए, लेकिन अभी तक पेंशन नहीं मिली है। विभाग इस पर ध्यान दे। - बलबीर सिंह

करीब 3800 पेंशनधारक ऐसे थे, जो एटीएम के जरिये या फिर जिन्होंने पिछले कई महीने से पेंशन नहीं ली थी। ऐसे पेंशनधारकों के अंगूठे का निशान बैंक व विभाग के पास नहीं पहुंच रहे थे। ऐसे में यह भी पहचान नहीं हो रही थी कि कोई व्यक्ति मरा है या जिंदा। इनसे दस्तावेज लिए गए हैं, करीब दो हजार लोगों की पेंशन चालू हो गई हैं जो रह रहे हैं उनकी कागजी कार्यवाही हमारी तरफ से पूरी है। जल्द ही उन्हें भी पेंशन मिल जाएगी। - वीरेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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