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सुंदर भाटी का भतीजा अनिल भाटी समेत गैंग के तीन गिरफ्तार

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सुंदर भाटी के भतीजे सहित गिरोह के 3 बदमाश गिरफ्तार
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ग्रेटर नोएडा। सुंदर भाटी के नाम से खौफ दिखाकर क्षेत्र की विभिन्न फैक्ट्रियों और कंपनियों में ट्रक लगवाने, पार्किंग और स्क्रैप का ठेका हथियाने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें सुंदर भाटी भतीजा 25 हजार का इनामी अनिल भाटी भी शामिल है। अनिल ओप्पो कंपनी के गार्ड की हत्या के मामले में फरार चल रहा था। उनके कब्जे से पुलिस ने बुलेट प्रूफ फॉर्च्यूनर, दस ट्रक, स्कॉर्पियो, रंगदारी से प्राप्त 40 हजार रुपये, एक पिस्टल और छह मोबाइल बरामद किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में गिरोह में शामिल चार और बदमाशों के नाम बताए हैं। इनमें से एक सुंदर भाटी हमीरपुर जेल में बंद है, जबकि अन्य तीन को पुलिस तलाश रही है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि बीते दिनों ईकोटेक-1 कोतवाली क्षेत्र स्थित जुबलियंट फैक्ट्री में घुसकर बदमाशों ने रंगदारी मांगी थी। ट्रांसपोर्ट का ठेका हथियाने के लिए सुंदर भाटी का नाम लेकर फैक्ट्री प्रबंधन पर दबाव बनाया था। बात न मानने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि मामले में सुंदर भाटी गिरोह के बदमाश शामिल हैं। यह गिरोह अन्य कंपनी और फैक्ट्रियों से भी रंगदारी वसूलने, जबरन गाड़ी लगाने और ठेके आदि कब्जाने का काम कर रहा है। पुलिस और स्टार-2 टीम बदमाशों की तलाश में जुट गई और तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी 25 हजार रुपये के इनामी खानपुर गांव निवासी अनिल भाटी, लडपुरा निवासी सुमित भाटी और देवला निवासी प्रवीण के रूप में हुई। तीन फरार आरोपियों खानपुर निवासी मोहित भाटी, घंघोला निवासी शेरू भाटी और दिनेश उर्फ दिन्ने की तलाश में पुलिस जुटी है।
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पेशी पर आए सुंदर भाटी से दिलाई धमकी
जानकारी के अनुसार सुमित भाटी चाहता था कि उसे जुबलियंट फैक्ट्री में ट्रांसपोर्ट का ठेका मिल जाए। इसके लिए उसने सुंदर को 50 हजार रुपये पहुंचाए थे। सुंदर भाटी के पेशी पर आने के दौरान आरोपियों ने व्हाट्सऐप से कॉल कर कंपनी प्रबंधन को धमकी दिलाई थी।
कैसे बुलेट प्रूफ कराई फॉर्च्यूनर
जानकारों की मानें तो किसी भी वाहन को बुलेट प्रूफ कराना आसान नहीं है। इसके लिए पुलिस-प्रशासन की जांच के अलावा बड़े स्तर से मंजूरी की जरूरत होती है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि अनिल भाटी ने फॉर्च्यूनर को बुलेट प्रूफ कैसे करा लिया? हालांकि पुलिस का कहना है कि फॉर्च्यूनर को नियम विरुद्ध बुलेट प्रूफ कराया गया है।
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जेल से बाहर आकर फिर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त
16 नवंबर 2017 को दिनदहाड़े भाजपा नेता शिव कुमार यादव, उनके चालक बलीनाथ और सुरक्षाकर्मी रईसपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की साजिश में शामिल अनिल भाटी को दिसंबर 2017 में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तीन महीने पहले ही वह जमानत पर जेल से बाहर आया और फिर से आपराधिक वारदात में लिप्त हो गया। अनिल भाटी के जेल जाने के दौरान शेरू इस गोरखधंधे को संभाल रहा था। शेरू, अनिल भाटी के ताऊ का बेटा बताया जाता है। इसी गिरोह ने ठेका कब्जाने के लिए ओप्पो कंपनी पर फायरिंग कराई थी। इसमें एक गार्ड की हत्या हुई थी।
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