- एक लाख से अधिक छात्रों की अब तक नहीं बन सकी अपार आईडी, प्रदेश में जनपद की रैंकिंग बेहद खराब
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जनपद में छात्रों की अपार आईडी बनाने की धीमी रफ्तार ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। एक लाख से अधिक छात्रों की अब तक अपार आईडी नहीं बन पाई है। इसके चलते प्रदेश स्तर पर जनपद की रैंकिंग भी खराब हो गई है। विभाग ने अब लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है।
अपार आईडी बनाने के कार्य में पिछड़ रहे 265 विद्यालयों के स्टाफ को सोमवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय तलब किया गया है। इन विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी बीएसए कार्यालय में बैठकर छात्रों की अपार आईडी बनाने का काम पूरा करेंगे। अब तक एक लाख से अधिक छात्रों की अपार आईडी नहीं बन पाई है। बीएसए कार्यालय में शामिल नहीं होने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। तय समय के बाद इनका यूडाइस कोड बंद करने के लिए विभाग ने प्रकिया भी शुरु कर दी है।
बीएसए राहुल पंवार ने बताया कि अपार आईडी छात्रों की शैक्षिक पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसमें विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। लगातार समीक्षा के बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों की आईडी बनाने में स्कूल लापरवाही कर रहे हैं। सोमवार को कार्यालय में 265 विद्यालयों के स्टाफ को बुलाया गया है। सभी को बैठकर अपार आईडी बनानी होगी।