सहारनपुर। थाना जनकपुरी के चकहरेटी में उचित दर की दुकान पर खाद्यान्न की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। पूर्ति निरीक्षक की जांच में दुकान से 262 क्विंटल स्टॉक गायब मिला है। विभागीय टीम ने दुकान को सील करते हुए विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अश्विनी कुमार मिश्र, पूर्ति निरीक्षक मोहिनी मिश्रा और आपूर्ति लिपिक अनुज कुमार ने चार नवंबर को चकहरेटी में उचित दर दुकान पर छापा मारा था। मौके पर दुकान बंद पाई गई थी। विक्रेता अर्जुन के फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन नहीं उठा।
दुकान के शटर पर चार से छह नवंबर तक बाहर रहने का नोटिस चस्पा था। विक्रेता ने इसकी कोई सूचना विभाग को नहीं दी थी। टीम ने मौके पर दो नोटिस चस्पा कर दुकान सील की। आख्या जिला पूर्ति अधिकारी को भेजी। सात नवंबर को टीम दोबारा जांच के लिए पहुंची तो विक्रेता से संपर्क नहीं हो सका।
जांच के दौरान दुकान मालिक निधि यादव को बुलाया गया। उन्होंने बताया कि विक्रेता ने छह माह से किराया नहीं दिया है, इसलिए उन्होंने एक ताला लगा दिया था। वीडियोग्राफी कराते हुए टीम ने दुकान की सील खोली। दुकान में खाद्यान्न का कोई भी स्टॉक नहीं मिला।
केवल दो इलेक्ट्रॉनिक कांटे (एक सरकारी, एक निजी), एक मेज और दो कुर्सियां बरामद हुईं। सरकारी कांटा नजदीकी उचित दर विक्रेता सरिता बजाज की सुपुर्दगी में दे दिया गया, जबकि अन्य सामान दुकान मालिक को सौंपा गया।
रिकॉर्ड के अनुसार, नवंबर 2025 में दुकान पर 104.57 क्विंटल गेहूं, 157.53 क्विंटल चावल और 36 किलोग्राम चीनी होना चाहिए था लेकिन जांच में स्टॉक शून्य पाया गया।