दो मामलों में एक युवक से नौकरी दिलाने के नाम पर 13 लाख व दूसरे को मुनाफे का लालच देकर ठगे 12 लाख
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने जर्मनी में नौकरी दिलाने और क्रिप्टो निवेश में झांसा देकर दो लोगों से करीब 25 लाख रुपये की ठगी कर ली। रकम वापस न मिलने और लगातार टालमटोल किए जाने पर दोनों को धोखाधड़ी का अहसास हुआ तो दोनों ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत की, जिससे बाद अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-93 निवासी आशीष एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और विदेश में बेहतर अवसर की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनके व्हाट्सएप पर खुद को एक नामी विदेशी कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति का मैसेज आया। उसने जर्मनी स्थित कंपनी में मैनेजर पद पर नियुक्ति का भरोसा दिलाया और चयन प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर शुल्क जमा कराने शुरू कर दिए। जॉब सर्टिफिकेट, मेडिकल जांच, वीजा प्रक्रिया और हवाई टिकट समेत अलग-अलग मदों का हवाला देकर उनसे कई बार में 13 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। काफी समय बीतने के बाद भेजे गए टिकट और अन्य दस्तावेज का सत्यापन कराने पर वे फर्जी निकले।
वहीं, सेक्टर-51 निवासी भूपेंद्र कुमार के पास व्हाट्सएप पर एक महिला का मैसेज आया, जिसने खुद को निवेश सलाहकार बताया। महिला ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर कम समय में अच्छा लाभ कमाने का दावा किया। शुरुआत में छोटे निवेश पर लाभ दिखाकर उनका विश्वास जीत लिया गया। इसके बाद उन्हें लगातार अधिक रकम लगाने के लिए प्रेरित किया गया। कुछ दिनों में उन्होंने अलग-अलग किस्तों में करीब 12 लाख रुपये निवेश कर दिए। जब भूपेंद्र ने अपनी मूल राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो बहाने बनाए जाने लगे। बाद में संपर्क भी सीमित हो गया।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और बैंक खातों व मोबाइल नंबरों के आधार पर तकनीकी जांच की जा रही है।
बरतें सावधानी
-सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर मिलने वाले नौकरी के प्रस्तावों का सत्यापन जरूर करें।
-नौकरी दिलाने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क मांगने वालों से सावधान रहें।
-क्रिप्टो या शेयर बाजार में असामान्य मुनाफे का दावा करने वाले अनजान लोगों पर भरोसा न करें।
-किसी भी संदिग्ध लेनदेन की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।