नूंह। नूंह जिले में डेंगू के डंक से लोगों को अभी भी राहत नहीं मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जिला अस्पताल मांडीखेड़ा में बुधवार को की गई डेंगू की जांच के दौरान 22 नए मामले आए हैं। जिले में अब तक डेेंगू के कुल 496 मामले आ चुके हैं।
बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुखार से पीड़ित 52 लोगों की जिला अस्पताल मांडीखेड़ा में डेंगू की जांच की। जांच के दौरान 30 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई तथा 22 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिले में तेज बुखार से अभी 21 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में डेंगू से एक मौत हुई है। बता दें कि इस बार पांच साल बाद जिले में एक साथ डेंगू के इतनी बड़ी संख्या में केस आए हैं। इसका मुख्य कारण भारी बरसात के बाद जिले में जगह जगह हुआ जलभराव माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार सर्दी के बढऩे के मच्छरों का प्रकोप थम जाता है इसके बाद ही डेंगू से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि पूर्व की अपेक्षा डेंगू व मलेरिया के केस कम हुए है। लेकिन अभी भी लोगों को काफी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
खानापूर्ति तक विभाग का फॉगिंग अभियान सिमटा
लोगों ने बताया कि फॉगिंग के नाम पर जिले में शहरों के साथ पंचायतों को अलग से बजट मुहैया कराया जाता है लेकिन असलियत में जिले में काफी पंचायत अभी भी फॉगिंग से वंचित हैं। जजपा के नूंह हल्का प्रधान सुखबीर गुर्जर व दीपक जाटव इंडरी ने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इंडरी खंड के गांवों में फॉगिंग के नाम पर खानापूर्ति की गई है। ऐसे में इस और उपायुक्त को ध्यान देने की जरूरत है। तभी जाकर जिले में डेंगू के बढ़ रहे प्रकोप को थामा जा सकता है।
अज्ञानता भी बन रही है बाधा
अभी लोग स्वयं अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझ रहे हैं इसी कारण मच्छरों के कारण पनप रही बीमारियों से लोग ग्रस्त हो रहे हैं। इस ओर लोगों को अपनी जिम्मेदारी को भी समझने की जरूरत है। इसके बाद ही वह इस बीमारी से मुक्ति पा सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग लोगों की जांच में जुटा
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ विक्रम सिंह ने बताया कि बुधवार को नूंह जिले में डेंगू के 22 नए मामले आए हैं। जिले में अब तक डेंगू के कुल 496 मामले आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर लोगों की जांच में जुटा हुआ है। लोगों को चाहिए कि बुखार आदि होने पर वह तुरंत स्वास्थ्य विभाग में संपर्क करें।