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जेवर तक मेट्रो घाटे का सौदा

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जेवर तक मेट्रो घाटे का सौदा, फिर भी एयरपोर्ट के लिए बनाना जरूरी
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ग्रेटर नोएडा। जेवर में प्रस्तावित नोएडा एयरपोर्ट तक मेट्रो ले जाना घाटे का सौदा है, लेकिन एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को देखते हुए मेट्रो ले जाना जरूरी है। एयरपोर्ट के साथ ही मेट्रो का भी निर्माण शुरू होगा। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) ने यमुना प्राधिकरण को जो डीपीआर सौंपी है, उसमें यह बात सामने आई है।
डीएमआरसी ने डीपीआर में बताया है कि 2025 में जब यह मेट्रो तैयार होगी उस समय प्रतिदिन 82,000 यात्री सफर करेंगे, जबकि 1.60 लाख यात्री से अधिक होने पर ही मेट्रो आर्थिक रूप से फायदेमंद होगी। इसे देखते हुए यह घाटे का सौदा है, लेकिन यहां पर एयरपोर्ट बन रहा है उसकी कनेक्टिविटी के लिए मेट्रो जरूरी है। साथ ही, यीडा के सेक्टर भी बसने लगे हैं। उनके लिए भी मेट्रो जरूरी है। इस रूट पर इकॉनोमिक इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न सिर्फ 4.4 फीसदी है, जबकि 14 प्रतिशत होना चाहिए। वहीं, एयरपोर्ट मेट्रो परी चौक के बजाय नॉलेज पार्क टू स्टेशन से जुड़ेगी। यहां से एयरपोर्ट टर्मिनल तक मेट्रो की कुल लंबाई 35.64 होगी, जिसमें से 32.27 किलोमीटर की लंबाई में एलिवेटेड और 3.37 किलोमीटर भूमिगत होगी। नॉलेज पार्क टू से नंगला हुकुमसिंह तक एलिवेटेड और वहां से एयरपोर्ट टर्मिनल तक भूमिगत होगी। इस रूट पर कुल 25 स्टेशन होंगे। अगर इस रूट पर इसी साल काम शुरू हो जाता है तो 5708 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगर देरी हुई तो 6969 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह 2025 में बनकर तैयार होगी, जबकि नोएडा एयरपोर्ट से 2023 में उड़ान भरने का लक्ष्य है।
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मेट्रो के प्रस्तावित स्टेशन
ग्रेटर नोएडा में नॉलेज पार्क दो, सेक्टर चाई एक, चाई दो, चाई तीन व सेक्टर चाई चार, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, नाइट सफारी, मुर्शदपुर, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सेक्टर-26 ए, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, सेक्टर-17ए, स्पोर्ट्स सिटी, सेक्टर-22ए, 22 बी, सेक्टर-18-एक, सेक्टर-22सी, सेक्टर 19, सेक्टर18-दो, सेक्टर-20, सेक्टर-21, सेक्टर-28, सेक्टर-29, नंगला हुकुम सिंह, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल।
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डीएमआरसी ने एयरपोर्ट मेट्रो की डीपीआर का खाका बनाकर दे दिया है। इसमें वित्तीय हानि दिखाई गई है, लेकिन एयरपोर्ट को देखते हुए इसे जरूरी भी बताया गया है। डीपीआर में मेट्रो चलाने का लक्ष्य 2025 दिखाया गया है, लेकिन कोशिश रहेगी कि एयरपोर्ट की उड़ान और मेट्रो का सफर एक साथ हो। डीपीआर से आगामी बोर्ड बैठक में मंजूरी लेकर शासन के पास भेज दिया जाएगा।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण।
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