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शोषण करने वाले सुधर जाएं तो सब कुछ ठीक हो जाएगाः शम्सुल इस्लाम

Tue, 20 Nov 2018 06:51 AM IST
एसएस अवस्थी, अमर उजाला, नोएडा
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शम्सुल इस्लाम - फोटो : अमर उजाला
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शोषण करने वाले अगर सुधर जाएं तो सब कुछ ठीक हो जाएगा, इसलिए समाज की जिम्मेदारी बनती है कि जो तबका दूसरों का शोषण करने में लगा हुआ है, उसको जागरूक किया जाए। विशेषकर महिलाओं का शोषण तभी रुकेगा, जब समाज में हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों को समझेगा। सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर और थियेटर ग्रुप ‘निशांत’ के प्रमुख नुक्कड़ नाटककार शम्सुल इस्लाम ने कुछ सामाजिक मुद्दों पर ‘अमर उजाला’ से बातचीत की।

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इतिहासकार के साथ-साथ ‘हैरत-अंगेज दास्ताने’ व ‘फ्रीडम मूवमेंट एंड आरएसएस’ समेत दो दर्जन से अधिक हिंदी, अंग्रेजी व उर्दू समेत अन्य भाषाओं में पुस्तकें लिख चुके शम्सुल का कहना है कि पुरुष प्रधान समाज में तभी सुधार होगा, जब महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा होगी, क्योंकि समाज में नियम और कायदों को बनाने वाले तो पुरुष ही रहे हैं। महिलाओं का शोषण अक्सर पुरुष ही करते हैं। जिस दिन महिलाओं के हाथ में समाज की व्यवस्थाओं की बागडोर होगी, उसी दिन शोषण थम जाएगा।

शोषित को जागरूक होना जरूरी
समाज में व्याप्त कुरीतियों व अव्यवस्था पर देश के साथ-साथ यूके, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में अब तक 6 हजार नुक्कड़ नाटक कर चुके शम्सुल का कहना है कि नुक्कड़ नाटकों के माध्यमों से उनको समझाता हूं जो महिलाओं, गरीबों, जातपात व आर्थिक शोषण करते हैं। यदि शोषण करने वाला सुधर जाएं तो सब कुछ ठीक हो जाएगा। शोषित को भी अपने अधिकारों को लेकर जागरूक होना जरूरी है, तभी समाज में समानता आएगी।
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नुक्कड़ नाटकों से समाज में बदलाव
देश-विदेश का भ्रमण कर चुके और 40 बरस से थियेटर ग्रुप ‘निशांत’ से जुड़े शम्सुल ने बताया कि कि नुक्कड़ नाटकों से समाज में बदलाव आता है। इतिहास को देेखें तो कभी ये राजाओं के दरबार में मनोरंजन के लिए हुआ करते थे। समाज को आइना दिखाने का काम जब भी नाटककारों ने किया, तो उनके साथ अन्याय भी हुआ है। सफदर हाशमी की हत्या होना जीता जागता उदाहरण है। उन्होंने बताया कि अभिनेता मनोज वाजपेयी भी ‘निशांत’ थियेटर से लंबे समय तक जुड़े रहे।

नाटक थी पहली भाषा
डीयू के सत्यवती कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर रहे शम्सुल का कहना है कि मानव जब पृथ्वी पर आया तो कोई भाषा नहीं थी। वह अपने शरीर के हावभाव व इशारों से ही अपनी बात कहता था, यही तो नाटक है। चूंकि अब तो भाषाओं की कमी नहीं है, लेकिन मनुष्य पल-पल नाटक करता दिख जाएगा।

आज तीन स्थानों पर नुक्कड़ नाटक
समाजसेवी महेश सक्सेना ने बताया कि समाज की विसंगतियों को दूर करने व महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागृत करने के लिए शम्सुल इस्लाम की टीम मंगलवार को नोएडा में सुबह 10.30 बजे सेक्टर-15, दोपहर 12.30 बजे सेक्टर-39 डिग्री कॉलेज और दोपहर 3 बजे नोएडा स्टेडियम के गेट नंबर-4 पर नुक्कड़ नाटक करेगी।

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