बैंकिंग प्रणाली से उद्यमी परेशान, वित्तमंत्री से की शिकायत
एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने सरल बैंकिंग प्रणाली की लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। नोटबंदी के दो साल बाद भी बैंकिंग प्रणाली से उद्यमी परेशान हैं। बैंकों के नियमों का विपरीत असर छोटे उद्योगों पर पड़ रहा है। इससे खफा एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने वित्तमंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर शिकायत की है। उद्यमियों का कहना है कि छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना है, तो बैंकिंग प्रणाली को सरल बनाना होगा।
दरअसल, दिल्ली सहित अन्य राज्यों के लिए उत्पाद बनाने वाले जिले के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को संबंधित राज्यों से अलग बैंकिंग व अवकाश के नियमों से परेशानी हो रही है। उद्यमियों ने मांग की है कि बैंकिंग नियम सभी राज्यों में एक समान होने चाहिए। एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा ने बताया कि जनपद गौतमबुद्धनगर में 12,500 औद्योगिक इकाइयां संस्था से जुड़ी हुई हैं। हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इन इकाइयों से रोजगार मिल रहा है। सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की बात करती है, लेकिन नोटबंदी के दो साल बाद भी जटिल बैंकिंग प्रणाली से उद्यमी परेशान हैं।
वित्तमंत्री से मांग की गई है कि महीने के दूसरे व चौथे शनिवार को भी बैंक खोले जाएं। प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों को भी बचत खाते की सुविधा मिलनी चाहिए। वर्तमान समय में बैंकों में सुबह 11 बजे तक चेक क्लियरेंस हो जाने का प्रावधान है। ऐसे में सुबह के समय फंड जमा करने में परेशानी होती है। इस समय की मियाद बढ़ाकर पहले की तरह 5 बजे तक की जाए, ताकि चेक बाउंस जैसी समस्या से छुटकारा मिले। बैंकों की सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। लोन वितरण प्रणाली में सुधार किया जाए।