‘विलुप्त हो रही कला एवं संस्कृति को बचाना जरूरी’
आईएमएस में छात्रों ने प्रदर्शित किए उत्पाद
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित आईएमएस के डिजाइन एंड इनोवेशन अकादमी में ग्रेजुएटिंग शो कॉन्सेप्ट-2018 में अंतिम वर्ष के छात्रों ने डिजाइन प्रदर्शित किए। बतौर मुख्य अतिथि डॉ. भीमराव अंबेदकर विश्वविद्यालय दिल्ली के कुलपति प्रो. जतिन भट्ट शामिल पहुंचे। उन्होंने कहा कि छात्र डिजाइन में भारतीयता को प्राथमिकता दें। देश की विलुप्त हो रही कला एवं संस्कृति को महत्व दें। पश्चिमी एवं विदेशी संस्कृति की नकल ना करें। जहां तक हो सके कम से कम कंप्यूटर एवं इंटरनेट का इस्तेमाल कर हाथों से विचारों को रेखांकित कर रचनात्मकता दिखाएं।
शैक्षणिक सलाहकार प्रो. नैन सिआउ ने बताया कि 4 वर्षीय डिग्री एवं 2 वर्षीय डिप्लोमा के फैशन, कम्युनिकेशन, ज्वेलरी एवं इंटीरियर डिजाइनिंग के छात्रों ने अपने उत्पादों को प्रदर्शित किया। भारतीय के साथ-साथ पश्चिमी देशों के पहनावे, ग्राफिक्स, गेम, 3 डी एनिमेशन, घर एवं ऑफिस के आंतरिक भागों की परिकल्पना को बखूबी दिखाया। कार्यक्रम में रत्न स्वर्ण ज्वेलर्स के सीईओ सुयश रस्तोगी एवं चौकोर स्टूडियो के इंटीरियर डिजाइनर तेजस्वी बंसल सहित कई लोग मौजूद रहे।