नोएडा एयरपोर्ट - 12 बच्चों वाले परिवार के मुआवजे में फंसा पेच
जेवर। नोएडा एयरपोर्ट की परिधि में आने वाले किसानों को जेवर बांगर में बसाया जा रहा है। इसके लिए गांव की 48 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत की गई है, लेकिन जिन परिवारों में नाबालिग बच्चे ज्यादा है और पिता की मौत हो चुकी है, उनका संयुक्त खाता बैंक में नहीं खुल पा रहा। बैंक सिर्फ तीन सदस्यों का संयुक्त खाता खोलने को राजी हो रहे हैं। इससे ज्यादा होने पर मना कर देते हैं। इस वजह से कई किसान परिवारों को परेशानी हो रही है। मुआवजा देने के लिए जिला प्रशासन सभी का संयुक्त खाता उपलब्ध कराने की शर्त लगा रहा है।
जेवर निवासी किसान इदरीश की कुछ समय पूर्व मौत हो गई थी। उनकी लगभग पौने तीन बीघा जमीन का जेवर बांगर में एयरपोर्ट प्रभावित गांव के विस्थापन के लिए अधिग्रहण किया जाना है। परिवार के एक सदस्य हसीन का कहना है कि परिवार पहले दिन से ही सहमति के आधार पर अपनी जमीन देने को तैयार है, लेकिन इदरीश की मौत के बाद उनके वारिसों का नाम खतौनी में दर्ज नहीं है, जिसकी वजह से दिक्कत हो रही है। पहले तो काफी दिनों तक खतौनी में नाम दर्ज कराने के लिए टरकाते रहे। नाम दर्ज होने के बाद भी परिवार को अब तक जमीन का मुआवजा नहीं मिला। इसी तरह एक अन्य परिवार हाकमीन का भी परेशान है। हाकमीन की मौत के बाद उनके वारिसों का नाम दर्ज न होने के कारण मुआवजा मिलने में परेशानी हो रही है। इनका यह भी आरोप है कि दस हजार रुपये रिश्वत लेने के बाद खतौनी में नाम दर्ज किया गया।
नहीं मिला मुआवजा
इदरीश के बेटे ने बताया कि परिवार में 12 भाई-बहन हैं, जिनमें से तीन की शादी हो चुकी है। वे मुआवजे में हिस्सेदार नहीं हैं। बाकी नौ का संयुक्त खाता बनना है। इनमें भी तीन बालिग और छह नाबालिग हैं। बैंक के पास गए तो वह सिर्फ तीन सदस्यों का ही संयुक्त खाता खोलने को तैयार हुए। इस तरह तीन-सदस्यों का मां के साथ अलग-अलग बैंकों में खाता खुलवाया गया। इसके बावजूद अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।
संयुक्त खाता न होने के कारण दो परिवारों को मुआवजा मिलने में दिक्कत हो रही है। इसका समाधान जल्द निकाल लिया जाएगा। दोनों परिवारों को जल्द मुआवजा उनके खातों में भेज दिया जाएगा। मुआवजा देने के लिए रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच की जाएगी।
विनय कुमार भदौरिया तहसीलदार जेवर