पुलिस ने मामले में अस्पताल संचालिका दिल्ली निवासी यशिका गर्ग (33), बुलंदशहर निवासी सफाई कर्मी गजेन्द्र सिंह (35) और ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन बुलंदशहर निवासी रंजीत सिंह (24) को गिरफ्तार किया है।
बच्ची को गोद दिलाने के नाम पर अवैध वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया है। थाना एएचटी और बिसरख पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक निजी अस्पताल की संचालिका समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यह लोग नवजात बच्ची को गोद दिलाने के नाम पर 2.60 लाख की मांग कर रहे थे।
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एडीसीपी सेंट्रल नोएडा आरके गौतम का कहना है शनिवार को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना मिली कि बिसरख क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी द्वारा अवैध रूप से बच्ची को गोद दिलाने की कोशिश की जा रही है। सूचना मिलते ही एएचटी और बिसरख पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आवेदिका से संपर्क किया और मौके पर पहुंचकर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।
इसके बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के आदेश पर बच्ची को साईं कृपा शेल्टर होम भेज दिया गया। जहां उसकी देखभाल की जा रही है। पुलिस ने मामले में अस्पताल संचालिका दिल्ली निवासी यशिका गर्ग (33), बुलंदशहर निवासी सफाई कर्मी गजेन्द्र सिंह (35) और ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन बुलंदशहर निवासी रंजीत सिंह (24) को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने संगठित तरीके से बच्ची को गोद दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलने की योजना बनाई थी। इस संबंध में थाना बिसरख पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।