ग्रेनो वेस्ट में 10 दिन की बच्ची का 2.65 लाख में सौदा हो रहा था। ऐन वक्त पर बाल कल्याण समिति, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटी) और बिसरख कोतवाली पुलिस ने इसे नाकाम कर दिया। मौके से ग्रेनो वेस्ट के एक निजी अस्पताल की नर्स को हिरासत में लिया है। इस प्रकरण में अस्पताल की मालिक की भी संलिप्तता मिली है। मालिक व एक अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि ग्रेनो वेस्ट में रहने वाले दंपती बच्ची को गोद लेने जा रहा था।। उसी से सौदा हुआ था। बच्ची के मां-बाप का कोई पता नहीं चला है।
बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने बताया कि ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटी में रहने वाले दंपती को बच्चा गोद लेना था। उन्होंने सोशल मीडिया पर बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया की जानकारी ली। उसके बाद सोशल मीडिया पर उनके पास फोन आने लगे और बच्चा गोद दिलाने का दावा करने लगे। इस बीच ग्रेनो वेस्ट के निजी अस्पताल से भी बच्चा गोद दिलाने के लिए संपर्क किया गया। आरोपियों ने इसके लिए मोटी रकम मांगी जिस पर दंपती ने चाइल्ड लाइन में संपर्क कर जानकारी दी। उसके बाद दंपती को आरोपियों से संपर्क में रहने को कहा गया। दंपती और आरोपियों के बीच 2.60 लाख रुपये में सौदा हुआ।
बच्ची को दिखाने के लिए बिसरख गोल चक्कर बुलाया
आरोपियों ने दंपती को बच्चा दिखाने के लिए शनिवार को बिसरख गोलचक्कर के पास बुलाया। उधर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, बाल कल्याण समिति ने बिसरख कोतवाली पुलिस छिपकर आरोपियों का इंतजार करने लगी। दोपहर करीब 4:30 बजे महिला 10 साल की बच्ची को लेकर वहां पहुंची। तभी टीमों ने महिला को बच्ची के साथ दबोच लिया। उसके बाद बच्ची बाल कल्याण समिति को सौंप दी गई। महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में अस्पताल की मालिक और एक अन्य का नाम सामने आया। उसके बाद दोनों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि बच्ची को नोएडा के शेल्टर होम में रखा गया है।
माता-पिता की तलाश
बच्ची के माता-पिता का पता नहीं चला है। पुलिस अफसरों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। बच्ची के माता-पिता का पता लगाया जा रहा है। पुलिस को शक है कि बच्ची को बेचने में माता-पिता की भूमिका हो सकती है या फिर बच्ची को चोरी किया गया है।
सोशल मीडिया पर सक्रिय है गिरोह
इस केस में आया है कि दंपती से संपर्क सोशल मीडिया के माध्यम से किया गया है। जैसे ही दंपती ने बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया को खोजा वैसे आरोपियों उनसे संपर्क कर लिया गया। ऐसे में कई गिरोह सोशल मीडिया पर सक्रिय होने की आशंका है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। साथ ही पुलिस बच्ची को गोद लेने वाली दंपती की भी भूमिका की भी जांच कर रही है।
एक निजी अस्पताल में काम करने वाली कर्मचारी ने बच्ची को गोद दिलाने के नाम पर 2.60 लाख रुपये की मांग की थी। सूचना पर एएचटी व बिसरख कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बाल कल्याण समिति के आदेश पर बच्ची को साईं कृपा शेल्टर होम भेजा गया है। तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
-शक्ति मोहन अवस्थी, डीसीपी सेंट्रल नोएडा