प्राधिकरण की नई पार्किंग नीति के विरोध में उद्यमी मुखर हो गए हैं। औद्योगिक सेक्टरों में पार्किंग शुल्क वसूली के नाम पर उद्यमियों की परेशानी बढ़ा रहे ठेकेदारों के खिलाफ अलग-अलग थानों में शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई न होती देख अब मामला जन सुनवाई पोर्टल के जरिये मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया गया है। मामले को लेकर शुक्रवार को सेक्टर-6 स्थित एनईए भवन में बैठक होगी जिसमें प्राधिकरण के अधिकारी व यातायात पुलिस के अलावा उद्यमी शामिल होंगे।
उद्यमियों का आरोप है कि औद्योगिक सेक्टरों में पार्किंग शुल्क वसूलना गलत है। पार्किंग माफिया मनमानी कर रहे हैं। कंपनियों में घुसकर कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की जा रही है। इस मामले की कई बार अलग-अलग थानों में शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन पुलिस और प्राधिकरण के कर्मचारी मामले को दबा देते हैं।
इस मामले की शिकायत आईजीआरएस के जरिये मुख्यमंत्री को भेजे जाने के बाद प्राधिकरण के अधिकारी हरकत में आए हैं। कंपनियों के बाहर दबाव बनाकर अवैध वसूली करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन प्राधिकरण अधिकारियों ने दिया है। हालांकि, शुक्रवार को होने वाली बैठक में औद्योगिक सेक्टरों में पार्किंग शुल्क वसूली बंद करने का दबाव उद्यमी बनाएंगे।
पार्किंग शुल्क वसूली अवैध
एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन का कहना है कि औद्योगिक सेक्टरों में प्लाटों का आवंटन जब लोकेशन को ध्यान में रखकर किया गया है और इसके लिए अलग-अलग कीमत वसूली गई है तो उस जगह पर प्राधिकरण पार्किंग शुल्क वसूलने की अनुमति कैसे दे सकता है। नियमानुसार औद्योगिक सेक्टरों में फुटपाथ उद्यमियों के लिए है और सड़क आम जनता के लिए, लेकिन प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों ने सड़क से लेकर फुटपाथ तक बेच डाला।