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सॉल्वर गैंग का सरगना कस्टम अधीक्षक गिरफ्तार

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एसटीएफ ने सॉल्वर गैंग के सरगना
कस्टम अधीक्षक को किया गिरफ्तार
- सिविल कोर्ट की ग्रुप सी-डी परीक्षा में की थी सेंधमारी की कोशिश
- दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट रोड स्थित दफ्तर में तैनात है आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। उत्तर प्रदेश की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक कराने व सॉल्वर बैठाकर अभ्यर्थियों से पैसा लेने के मुख्य आरोपी कस्टम अधीक्षक विजय तोमर को एसटीएफ ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। विजय तोमर उर्फ नीटू वाजिदपुर थाना बड़ौत जिला बागपत का रहने वाला है। वह दिल्ली में आईजीआई रोड स्थित दफ्तर में तैनात है। फिलहाल अंसल टाउन पानीपत में रह रहा है। एसटीएफ ने आरोपी के पास से चार उत्तर पुस्तिका, एक कार, दो मोबाइल फोन, एक डेबिट कार्ड, एक डीएल और 150 रुपये बरामद किए हैं।
यूपी की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक व अन्य तरीके से अभ्यर्थियों से पैसा लेकर भर्ती कराने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचना एसटीएफ को मिली थी। इस पर एसएसपी लखनऊ अभिषेक सिंह ने एसटीएफ की अलग-अलग टीमें लगाई थी। एसटीएफ मेरठ यूनिट के सीओ बृजेश सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने सॉल्वर गैंग के सरगना विजय तोमर को सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस लाइन गेट नंबर एक से गिरफ्तार कर लिया। 20 जनवरी को हुई सिविल कोर्ट स्टाफ भर्ती परीक्षा में पकड़े गए गैंग का मुख्य सगरना विजय तोमर ही है। गैंग ने सेंधमारी की कोशिश की थी लेकिन पेपर नहीं मिल पाया था। वह बागपत और मेरठ से वांछित था।
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9 साल से करा रहा था पेपर लीक
सीओ बृजेश सिंह के अनुसार, विजय तोमर आठ-नौ वर्ष से पेपर लीक करा रहा है। पहले यह काम बागपत के अरविंद राणा के साथ करता था। बाद में 2012-2013 में पैसों के लेनदेन को लेकर अरविंद से अनबन हो गई, जिसके बाद विजय तोमर ने अरविंद का साथ छोड़कर अलग गैंग बना लिया। इसमें सोनीपत के मॉडल टाउन का विक्रम भी है।
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ट्यूबवेल ऑपरेटर परीक्षा का पेपर भी कराया था लीक
विजय तोमर ने शिक्षक सचिन निवासी गंगानगर के साथ मिलकर 3 अगस्त को हुई ट्यूबवेल ऑपरेटर परीक्षा का भी पेपर लीक कराया था। इसमें अभ्यर्थियों से 5-5 लाख रुपया लिया था। बाद में एसटीएफ ने सचिन समेत अन्य युवकों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि फिर परीक्षा भी निरस्त हो गई थी।
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