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यूपी से लेकर बिहार तक फैला है सॉल्वर गैंग का नेटवर्क ::

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यूपी से लेकर दिल्ली व बिहार तक फैला है सॉल्वर गैंग का नेटवर्क
- कस्टम अधिकारी विजय तोमर ने अरविंद राणा के साथ फैला रखा था कई राज्यों में जाल
- दिल्ली और बिहार में एसएससी की परीक्षा में भी इस गिरोह ने बैठाए थे सॉल्वर

अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। सॉल्वर गैंग में बागपत के अरविंद राणा का वेस्ट यूपी के अलावा बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में भी नेटवर्क है। वहीं, अरविंद के साथी रहे बागपत के विजय तोमर उर्फ नीटू ने भी कई राज्यों में सॉल्वर गैंग का ऐसा जाल बिछाया कि अभ्यर्थियों का उससे मिलना भी मुश्किल होता था। यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती से लेकर केंद्रीय सेवाओं की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में इस गैंग ने सेंधमारी की कोशिश की और अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली।
ट्यूबवेल ऑपरेटर की भर्ती में भी सॉल्वर गैंग ने लिखित परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर लीक करा दिया। 3 अगस्त की परीक्षा को स्थगित करना पड़ा था। जिसके बाद फलावदा क्षेत्र के रहने वाले शिक्षक सचिन को गंगानगर से गिरफ्तार किया तो एसटीएफ सॉल्वर गैंग तक पहुंची। ट्यूबवेल ऑपरेटर की परीक्षा में इस गिरोह ने करीब 150 अभ्यर्थियों से 5-5 लाख रुपये तय किए थे। परीक्षा से पहले आधा पैसा ले लिया था। रेलवे में ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा में भी अभ्यर्थियों से मोटा पैसा ठगा। ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्ती में भी अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से आंसर शीट भेजकर पैसे वसूले। दिल्ली और बिहार में एसएससी की परीक्षा में भी इस गिरोह ने सॉल्वर बैठाए, जहां दिल्ली से एसटीएफ ने पांच लोगों को 20 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। यूपी पुलिस सिपाही भर्ती के अलावा एसआई भर्ती में भी अभ्यर्थियों को झांसा देकर यह गिरोह पैसा वसूल चुका है।
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कहां से आती है आंसर शीट, विक्रम खोलेगा राज
एसटीएफ सीओ बृजेश सिंह का कहना है कि कस्टम अधीक्षक विजय तोमर उर्फ नीटू ने बताया कि उसके पास पेपर और आंसर शीट सोनीपत के मॉडल टाउन निवासी विक्रम भेजता था। विक्रम से विजय की दस साल से दोस्ती है। एसटीएफ घर से फरार विक्रम की तलाश में लगी है। पूछताछ में विजय ने यह भी बताया कि एक ही पेपर के कई-कई सेट होते थे। जो पेपर विक्रम देता था, वह उसी पेपर की उत्तर कुंजी तैयार कराते थे, लेकिन परीक्षा में किस अभ्यर्थी के पास कौन से सेट की कॉपी जाएगी, यह नहीं पता चलता था।
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