चार वर्षों से घर से भी भागा हुआ था हिस्ट्रीशीटर सुभाष
गुरुग्राम। मानेसर में किराए के मकान में फरारी काट रहे दोनों बदमाशों में से नारेड़ी गांव का सुभाष पिछले चार वर्षों से घर से भी भागा हुआ था। पुलिस के अनुसार, सुभाष नशे का आदी था, जो कई तरह का नशा करता था। घटनास्थल से भी बियर की बोतलें और सुल्फा (मादक पदार्थ) पीने वाली चिलम भी मिली हैं। सुभाष व विकास दोनों अपराधी प्रवृति के थे।
पुलिस दोनों के आपसी विवाद में गोली मारकर हत्या के साथ ही उनकी हत्या में किसी तीसरे के होने का एंगल भी जांच रही है। घटना के वक्त कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, लेकिन खिड़की खुली हुई थी। एक का शव दरवाजे की तरफ तो दूसरे का शव खिड़की के सामने वाली दीवार के पास था। इस वजह से पुलिस किसी तीसरे की भूमिका मानकर जांच कर रही है। सुभाष व विकास की कुंडली खंगाली जा रही है, ताकि कुछ अतिरिक्त सुराग लग सके।
पुलिस के मुताबिक, सुभाष पिछले तीन-चार वर्षों से घर से भी भागा हुआ था। सुभाष और विकास ने मिलकर एक बार किसी व्यवसायी का अपहरण किया था, जिसके बाद उस व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही वह अपराध की दुनिया की तरफ बढ़ने लगा था। इस घटना के बाद नारनौल सदर थाने में 10-12 अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज है। सुभाष पर महेंद्रगढ़ और नारनौल में कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस की मानें तो वह काफी वर्षों से गांव से बाहर ही रह रहा था। इस कारण गांव में सुभाष के बारे में ज्यादा कोई नहीं जानता है। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि इस मामले में तफ्तीश जारी है। हथियार कहां से लाए और इसके साथ कौन लोग थे आदि पहलुओं की जांच की जा रही है।