मांग पूरी नहीं होने पर आमरण अनशन करेंगे एनएचएम कर्मचारी
गुरुग्राम। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग के लिए को सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह आमरण अनशन करेंगे। करीब 50 एनएचएम कर्मचारी रविवार को छुट्टी वाले दिन भी नागरिक अस्पताल परिसर में हड़ताल पर बैठे रहे। हालांकि छुट्टी होने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
चंडीगढ़ में एनएचएम निदेशक अमनीत पी कुमार के साथ कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों की सोमवार को बैठक होगी। एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरीराज ने बताया कि बैठक में यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो कर्मचारी अपने हक की लड़ाई जारी रखेंगे। हड़ताल को आगे बढ़ाने के साथ ही कर्मचारी आमरण अनशन भी चालू करेंगे। सरकार के ढीले रवैये के कारण सभी कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारी सरकार की किसी भी चेतावनी से डरने वाले नहीं हैं। गौरतलब है कि अपनी लंबित मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारी बीती 5 फरवरी से हड़ताल पर हैं।
डॉक्टर, नर्स, लैब तकनीशियन सहित जिले के करीब 700 एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव नीकू वार्ड और एंबुलेंस सेवा पर पड़ा है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि हड़ताली कर्मचारियों की जगह ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।