फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो---
विज्ञापन


पेंटिंग में दिखा अलग अलग संस्कृतियों का संगम
प्रदर्शनी में कामिनी जैन की मंडला पेंटिंग की खूब रही चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। किसी भी कला के लिए अकेलापन, तन्हाई सबसे बड़े प्रेरणा श्रोत हैं। मन का सूनापन कल्पनाओं की दुनिया में ले जाता है। जब आपकी कल्पना रंगों के संपर्क में आती हैं तो इससे बड़ा मेडिटेशन और मेडिकेशन नहीं होता है। ऐसे में पेंटिंग के जरिये मन के विचारों को सामने ला पाते हैं। यह विचार है कलाकार कामिनी जैन के, जो वैशाली से नोएडा अपनी कला प्रदर्शनी के लिए आई हैं। सेक्टर - 44 स्थित आर्ट लाइफ गैलरी में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों ने प्रदर्शनी लगाई। इसकी खासियत यह रही कि इसमें भाग लेने वाले कलाकार आर्ट के छात्र न होकर अलग-अलग क्षेत्रों जैसे अर्थशास्त्र, मीडिया आदि से जुड़े हैं।
विज्ञापन

अर्थशास्त्र से पीएचडी चित्रकार कामिनी जैन ने बताया कि कला हर दर्द की दवा है। यदि आप परेशान हैं, अकेले हैं तो डॉक्टर के पास जाकर पैसे खर्च करने से अच्छा है कि आप मनपसंद कला से जुड़े जरूर लाभ मिलेगा। कामिनी जैन की पेंटिंग में संस्कृतियों का संगम देखने को मिलता है। वह फोक और ट्रेडिशनल पेंटिंग करती हैं। जिसमें दो अलग विचारों का समावेश देखने को मिलता है। उन्होंने एक चित्र में भारतीय परंपरा अनुसार सावन में झूले झूलती महिलाओं को दर्शाया है। लेकिन इन्हें यूरोपियन अंदाज में सजाया गया है। इसी तरह इनकी एक अन्य पेंटिंग जो मधुबनी शैली (बिहार की चित्रकला) से बनी है। लेकिन दक्षिण के दशावतार कांसेप्ट को दर्शाती है। मंडला पेंटिंग भी चर्चा का विषय रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें