पेंटिंग के जरिये दिखाई औरत के संघर्ष की कहानी
दुर्लभ रंगों से बनाई गई चित्रकला का प्रदर्शन, लोगों ने सराहा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। कठुआ गैंग रेप की घटना हो या निर्भया कांड दोनों ही औरतों के जीवन के संघर्ष की दास्तां बया करती हैं। चित्रकार शशि कृष्णनन ने सेक्टर 44 स्थित आर्ट गैलरी में 11 से 24 जुलाई तक एक चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया। उन्होंने दुर्लभ रंगों से सजी औरत के मुखौटों के पीछे छिपी दुनिया को पेश किया है। सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शनी देखकर सराहना की। शशि ने बताया कि इन घटनाओं को सुनकर उन्हें बहुत दुख हुआ। औरतों के जीवन के कई पहलू हैं जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं। पेंटिंग में कई जगहों पर औरतों के साथ एक मुखौटा दिखाया गया है। जो दर्शाता है कि वह किस तरह अपने दर्द और तकलीफ को छुपाकर मुस्कराहट का मुखौटा ओढ़ लेती है। उनके जीवन में कई रंग और पहलू हैं। उन्हें अपनी कला के माध्यम से व्यक्त करने की कोशिश की है। आर्ट लाइफ गैलरी की संचालिका प्रीती बजाज ने बताया कि शशि की कला अनोखी है। उनके रंग, कैनवास और कला काफी अलग हैं।
कुछ खास हैं ये रंग
कुछ रंग जिन्हें खोजना भी वर्तमान समय में बेहद मुश्किल है। उनका अस्तित्व ही अब नहीं बचा है। ऐसे रंगों के जरिये पेंटर शशि कृष्णनन ने औरतों की जिंदगी को अपनी चित्रकला में दर्शाया है। पेंटिंग में जिस तरह के भूरे रंग का इस्तेमाल किया है। वह दुर्लभ श्रेणी का रंग है। जो अब आसानी से नहीं मिलता है। इसे पाने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। जिससे पेंटिंग की कीमत और खूबसूरती दोनों ही बढ़ गई।
अलग है कैनवास
पेंटिंग के लिए उन्होंने एक खास कैनवास पॉलिमर का इस्तेमाल किया है। इसकी खासियत है कि यह रंगों को करीब पांच मिनट के अंदर सोख लेता है। ऐसे में चित्रकार के पास अपनी कृति को पूरा करने के लिए सिर्फ पांच मिनट का वक्त होता है। वरना पेंटिंग अधूरी रह जाती है।