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योगी - साक्षात्कार-Business

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हेड---
गड्ढे खूब मिले हैं, भरोसा रखिये न भ्रष्टाचार मिलेगा न अपराध : योगी

प्वाइंटर--
- समय दीजिए, उत्तर से उत्तम प्रदेश बनाएंगे, अपराधी होंगे जेल में
- अब किसी टेबल पर फाइल नहीं रुकती है, खुद करता हूं निगरानी
- गाजियाबाद समेत बाकी शहरों में मेट्रो को जल्द मिलेगा फंड

अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद। पुरानी सरकार ने सिस्टम में काफी गड्ढे दिए हैं, जिन्हें भरने में समय लगेगा। बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। क्राइम इसलिए बढ़ता दिख रहा है क्योंकि अब हर व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज हो रही है। हमारा मकसद अपराधियों को सलाखों के पीछे डालना है, जब वह जेल में होंगे तो व्यवस्था बेहतर होती चली जाएंगी। ये बातें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमर उजाला संवाददाता अरुण चट्टा से विशेष बातचीत में कहीं। बृहस्पतिवार को सीएम गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन के शिलान्यास व समीक्षा बैठक करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था से लेकर विकास जैसे मुद्देे पर बेबाकी से अपनी बात रखी।

सवाल : प्रदेश में अपराध बढ़ रहा है। चेन स्नैचिंग व लूटपाट की वारदातें लगातार हो रही हैं। लोग अब अच्छे दिन वाली सरकार पर ही सवाल उठा रहे हैं।
जवाब : मौजूदा सरकार के बारे में तो कम से कम ऐसा नहीं कहा जा सकता। यह अपराधी, माफिया और गुंडों की सरकार नहीं है। यह आम व गरीब आदमी की सरकार है। प्रदेशभर में हर छोटे - बड़े मामले की एफआईआर दर्ज हो रही है। अधिकारियों को निर्देश है कि हर शिकायत की सुनवाई हो, न्याय व्यवस्था जवाबदेह हो रही है। इसलिए लग रहा है कि यूपी में अपराध बढ़ रहा है, लेकिन जब सभी अपराधी सलाखों (जेल) के पीछे होंगे तो हालात खुद ही सुधरेंगे।
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सवाल : सरकार को पांच महीने हो चुके हैं। आखिरकार कानून-व्यवस्था की स्थिति कब तक बेहतर होने की उम्मीद की जा सकती है।
जवाब : अभी सरकार शिशु अवस्था (पांच महीने हुए हैं) में है, थोड़ा वक्त दीजिए। आप बस देखते जाइये.. यूपी में न क्राइम रहेगा और न करप्शन। भ्रष्ट व कामचोर लोगों को सिस्टम से बाहर किया जा रहा है। अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। उत्तर को उत्तम प्रदेश बना देंगे, जहां पर भयमुक्त माहौल होगा। स्वच्छ प्रशासन, स्वच्छ शासन के चलते सरकारी काम पारदर्शिता से हो रहे हैं और प्रत्येक अधिकारी की जवाबदेही तय कर दी गई है। सरकार जनता के द्वार है, देखिए लंबे समय से माहौल खराब था, किसी भी सिस्टम को सुधारने में समय लगता है हमें भी थोड़ा समय चाहिए।

सवाल : सरकार बनने के बाद एंटी भूमाफिया अभियान व एंटी रोमियो जैसे अभियान बड़े तेजी से चले, लेकिन अब अभियान को लेकर कोशिशें थम सी गई लगती हैं।
जवाब : यह कहना ठीक नहीं है, हर अभियान पर काम हो रहा है। हां, यह जरूर है कि कुछ चीजों को समय व परिस्थिति के हिसाब से चलाया जाता है। लिहाजा हमें बदलाव तुरंत नहीं दिखते। महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकताओं में है। स्मार्ट पुलिसिंग कर रहे हैं, जिससे महिलाओं को सुरक्षा का वातावरण मिल सकेगा। सिस्टम ऐसे काम कर रहा है कि महिला जैसे ही पुलिस को संपर्क करती है उन्हें मदद मिल रही है। आप चेक करके देखें। इसके अलावा अब तय है कि जिन्होंने सरकारी जमीनें कब्जा कर रखी हैं उन्हें जमीनें खाली करनी होंगी। माफियाराज से जनता को मुक्त कराना है। इसके लिए महीने में एक बार स्वयं हर अभियान की समीक्षा कर रहा हूं। यहां तक कि जन शिकायतों तक की समीक्षा कर रहा हूं ताकि आम आदमी को दफ्तरों के धक्के न खाने पड़ें।

सवाल : पांच महीने हो गए भाजपा सरकार को सत्ता में आए। तमाम बड़े प्रोजेक्टों के काम रुक गए हैं। अफसरों का तर्क है कि शासन से फंड रिलीज नहीं हो रहा है या फिर पुराने प्रोजेक्ट की जांच कराई जा रही है।
जवाब : कम से कम इस सरकार के बारे में तो ऐसा नहीं कहा जा सकता है। जिस भी फाइल (प्रोजेक्ट) पर तकनीकी और वित्तीय क्लीयरेंस हो चुका है, उस पर तत्काल फंड रिलीज किया जा रहा है। हम खुद हर जिले के बड़े प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। सीधे उस जिले व मंडल के अधिकारियों के संपर्क में हूं। काम कहीं पर प्रभावित न हो इसका पुख्ता इंतजाम है।
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सवाल :.. लेकिन गाजियाबाद में मेट्रो को 2210 करोड़ का फंड नहीं मिल रहा है। लखनऊ में भी मेट्रो अभी तक शुरू नहीं हो पाई है तो फिर कहां पर दिक्कत है ?
जवाब : जैसा कि पहले कह चुका हूं कि जहां पर प्रोजेक्ट को जांच के बाद वित्तीय एवं तकनीकी स्वीकृति मिल जाती है, उसका फंड तत्काल रिलीज हो रहा है। अब फाइलें न एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर तक घूमती हैं और न टेबल पर रुकती हैं। गाजियाबाद मेट्रो को लेकर कुछ तकनीकी बिंदु थे, जिन पर जांच जरूरी थी वह कराई गई। जल्द आपत्तियां दूर हो जाएंगी। इसके बाद ही फंड रिलीज कर दिया जाएगा। इतना विश्वास दिलाता हूं कि गाजियाबाद समेत अन्य शहर के मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। पांच साल में गाजियाबाद समेत प्रदेश के सभी शहरों की सूरत बदल देंगे। यह निश्चित है कि गाजियाबाद के बाकी हिस्सों को भी मेट्रो से जोड़ने के काम में तेजी लाई जाएगी। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं।
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