लखनऊ। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के तत्वावधान में गोमती नगर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित खादी महोत्सव-2025 का 10वें दिन रविवार को समापन हो गया। अंतिम दिन सैकड़ों लोगों ने वहां पहुंचकर खरीदारी की। महोत्सव में खादी की 32, ग्रामोद्योग की 120 और माटी कला की आठ इकाइयों सहित कुल 160 उद्यमियों ने हिस्सा लिया। प्रमुख सचिव, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग अनिल सागर ने महोत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खादी, ग्रामोद्योग और माटी कला की इकाइयों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
इस दौरान समारोह को संबोधित करते हुए प्रमुख सचिव अनिल सागर ने बताया कि महोत्सव में सभी इकाइयों ने गुणवत्ता, परंपरा और नवाचार का शानदार प्रदर्शन किया। इसका उद्देश्य केवल पारंपरिक खादी को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि उसे आधुनिकता से जोड़कर वैश्विक बाजार में स्थापित करना भी है। इस मौके पर बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिशिर, संयुक्त कार्यपालक अधिकारी सिद्धार्थ यादव सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
सम्मान प्राप्त करने वाली खादी इकाइयां
प्रथम : स्वराज्य आश्रम, प्रेम कुमार (कानपुर)
द्वितीय : ग्राम सेवा संस्थान, सतेंद्र कुमार (फतेहपुर)
तृतीय : भूरज सेवा संस्थान, अशोक उपाध्याय (हरदोई)
ग्रामोद्योग इकाइयां
प्रथम : अब्बास अंसारी (मीरपुर), मुजफ्फरनगर।
द्वितीय : तहजीबुल हसन (जमनापुर किरत, नूरपुर), बिजनौर।
तृतीय : अंजली सिंह, (जूट आर्टिजंस, इंदिरानगर), लखनऊ
माटी कला की इकाइयां
प्रथम : प्रेमचंद्र (हसनपुर, टांडा), बाराबंकी।
द्वितीय : मतलूब (खुर्जा), बुलंदशहर।
तृतीय : शिव कुमार प्रजापति (हसनपुर, टांडा)। बाराबंकी।