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शाहबेरी : 16 बिल्डरों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, ताबड़तोड़ दबिश

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शाहबेरी : 16 बिल्डरों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, ताबड़तोड़ दबिश
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ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी मामले में अग्रिम जमानत की मांग कर रहे 16 बिल्डरों की याचिका मंगलवार को जिला अदालत ने खारिज कर दी है। आरोपियों की जमानत खारिज कराने के लिए एसआईटी और वकीलों ने मजबूती से दलील दी। इसके बाद अदालत ने जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं और पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दीं। पुलिस का कहना है कि रात भर आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) धर्मेंद्र जयंत, अधिवक्ता संजय भाटी और राजीव गर्ग ने बताया कि शाहबेरी केस में 16 आरोपी बिल्डरों की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। पुलिस ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। एसआईटी प्रभारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शाहबेरी प्रकरण की जांच अभी जारी है। ऐसे में आरोपियों से अभिरक्षा में पूछताछ किया जाना जरूरी है। अधिवक्ताओं ने भी आरोपियों के खिलाफ दलील देकर याचिका का विरोध किया और कोर्ट से जमानत नहीं देने की अपील की। वहीं, आरोपी बिल्डरों के अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि तय शुल्क अदा कर मालिक ने संपत्ति को खरीदा है। वहां बिजली कनेक्शन दिए गए और सड़क भी बनाई गई है। ऐसे में संपत्ति अवैध कैसे हो गई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता और प्रकृति को देखते हुए जमानत याचिकाएं खारिज की जाती हैं।
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यह है शाहबेरी की दास्तान
बिसरख कोतवाली क्षेत्र के ग्रेनो वेस्ट स्थित शाहबेरी में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से नक्शा पास कराए बिना बड़ी संख्या में अवैध भवन बनाए गए। 17 जुलाई 2018 को इनमें से दो इमारतें ढह गईं। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी। मामला शासन तक पहुंचा और सीएम के आदेश पर स्थानीय अफसरों ने कार्रवाई तेज की। मामले में एक आरोपी बिल्डर शाहबुद्दीन पर जिला प्रशासन रासुका लगा चुका है। जबकि 5 पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है। अब तक अवैध निर्माण को लेकर 84 केस दर्ज हैं। जांच की आंच अवैध निर्माण के दौरान तैनात रहे प्राधिकरण व पुलिस अफसरों पर भी है। हालांकि, अभी तक उन पर कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, मामले में कई आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है और कई अभी फरार हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के 50 लाख का भुगतान करने के बाद आईआईटी दिल्ली की टीम अवैध भवनों का ऑडिट कर रही है।
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पुलिस ने अदालत में मजबूती से आरोपी बिल्डरों के खिलाफ पक्ष रखा है। अदालत ने 16 आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। याचिका खारिज करने के बाद ही कई टीमों को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रवाना कर दिया गया है। टीम हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर आदि स्थानों पर दबिश दे रही है।
- प्रदीप कुमार त्रिपाठी, एसआईटी निरीक्षक, शाहबेरी प्रकरण
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