- अधिकारियों की टीम मौके पर जाकर स्कूलों के दावों की करेगी पड़ताल
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय (एसएचवीआर) रेटिंग 2026-27 में स्टार हासिल करने वाले जिले के 1581 स्कूलों के दावों की अब जमीनी स्तर पर जांच होगी। इसके तहत पोर्टल पर स्वच्छता, हरित वातावरण और जल व ऊर्जा संरक्षण को लेकर दर्ज जानकारियों का मौके पर सत्यापन किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया 31 अक्तूबर तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्कूलों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इससे पोर्टल पर दर्ज दावों और विद्यालयों में उपलब्ध वास्तविक सुविधाओं का मिलान किया जा सकेगा। सबसे पहले पांच स्टार वाले स्कूलों का निरीक्षण होगा। इसके बाद चार और फिर तीन स्टार वाले स्कूलों की जांच की जाएगी। प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता को अधिकतम 15 से 25 स्कूलों की जिम्मेदारी दी जाएगी। कोशिश होगी कि उन्हें आसपास या एक ही विकासखंड के स्कूल आवंटित किए जाएं, ताकि समय पर सत्यापन पूरा हो सके।
मोबाइल एप से दर्ज होगी जांच रिपोर्ट
सत्यापन के लिए शिक्षा विभाग के प्रशिक्षुओं, अकादमिक संसाधन व्यक्तियों, राज्य संदर्भ समूह के सदस्यों, शिक्षक संकुल, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की मदद ली जाएगी। मूल्यांकनकर्ताओं को स्कूलों में पहुंचकर पोर्टल पर दर्ज जानकारियों का मिलान करना होगा। निरीक्षण की रिपोर्ट एसएचवीआर वेब पोर्टल या मोबाइल एप पर ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इसके लिए ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनेगी समिति
सत्यापन कार्य की निगरानी के लिए जिलाधिकारी या उनके नामित अधिकारी की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समीक्षा समिति गठित की जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समिति के सदस्य सचिव होंगे। इसमें जिला विद्यालय निरीक्षक के साथ पंचायतीराज, स्वास्थ्य और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों तथा दो प्रतिष्ठित गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। समिति सत्यापन प्रक्रिया की निगरानी करेगी और निर्धारित समय में कार्य पूरा कराने पर जोर देगी।