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राज्यसभा सांसदों ने मानव-तस्करी रोधी विधेयक को दिया समर्थन

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राज्यसभा सांसदों का मानव तस्करी रोधी विधेयक को समर्थन
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- हस्ताक्षर के जरिये मानव तस्करी रोकने की कवायद हुई तेज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मानव तस्करों के चंगुल से बचाए गए लोगों (सर्वाइवर) के प्रति समर्थन जताते हुए राज्यसभा में विभिन्न दलों के सदस्यों ने मानव तस्करी रोधी विधेयक पर चर्चा के लिए उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू को इस संबंध में तैयार प्रारूप भेजा है। प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर (जेएसी) सोसायटी की ओर से मानव तस्करी पर आयोजित राष्ट्रीय परिचर्चा में अखिलेश प्रसाद सिंह, डी राजा, प्रदीप टम्टा, एन गोकुलकृष्णन सहित अन्य सांसदों ने इस प्रारूप पर हस्ताक्षर किए।
परिचर्चा का उद्देश्य मानव तस्करी के पीड़ितों (सर्वाइवर) को न्याय दिलाने के लिए रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। ताकि मानव तस्करी विधेयक, 2018 के संबंध में पीड़ितों के विचारों को आगे रखना संभव हो सके। परिचर्चा के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से ताल्लुक रखने वाले पीड़ितों ने राज्यसभा सांसदों को अपील भेजी है। उन्होंने राज्यसभा सदस्यों से आग्रह किया है कि संसद के शीतकालीन सत्र में मानव तस्करी रोधी विधेयक को पारित कराकर मानव तस्करी के शिकार लाखों लोगों को न्याय दिलाया जाए। इस मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आई संस्थाओं के सदस्यों के साथ कई पीड़ितों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
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शीतकालीन सत्र में विधेयक पारित करवाने की अपील
प्रयास के संस्थापक महासचिव आमोद के. कंठ ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि मानव तस्करी के जटिल संगठित अपराध से निपटने के लिए भारतीय कानून में आवश्यक प्रावधान हो। उन्होंने इस संबंध में व्यापक एवं मजबूत कानून का प्रारूप तैयार करने के लिए सरकार का धन्यवाद किया। इस मौके पर मौजूद संस्थाओं के सदस्यों और पीड़ितों ने शीतकालीन सत्र में विधेयक पारित करवाने की अपील की।
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चर्चा के बाद विधेयक पारित होने के पक्ष में सांसद
राज्यसभा सांसद डी राजा ने कहा कि सभी मानव तस्करी के पीड़ितों के साथ हैं। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि शीत काल में इस विधेयक पर चर्चा के बाद सभी प्रावधान करने होंगे। इसे अपनी पार्टी के घोषणा पत्र में भी शामिल करेंगे। राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा मुनाफाखोरी की चाहत में लोग मानवता को शर्मसार कर रहे हैं, इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए। भाजपा, कांग्रेस और अन्य पार्टी दलों को इस विधेयक पर चर्चा के बाद जरूरी प्रावधान के साथ शीत काल में पारित किया जाना चाहिए। राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि पीड़ितों के अनुभवों को सुना और उनकी पीड़ा को समझा है। इस विधेयक का कांग्रेस समर्थन करेगी। राज्यसभा सांसद गोकुलकृष्णन ने कहा कई जरूरी विधेयक, राजनीतिक मुद्दों के बीच दबे रह जाते हैं। कोशिश होगी कि इस विधेयक पर राज्य सभा में चर्चा हो।
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