सरकारी स्कूल के शिक्षक प्राथमिक उपचार के गुर सीखेंगे
- सेंट जॉन एंबुलेंस एसोसिएशन के सहयोग से ट्रेनिंग कराई जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य की महत्ता को समझते हुए सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग देने की तैयारी की जा रही है। शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए 100 शिक्षकों का चयन किया है। चयनित शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग अनिवार्य होगी। इस तरह की ट्रेनिंग देने के पीछे निदेशालय का उद्देश्य बच्चों को जरूरत पड़ने पर सही उपचार उपलब्ध कराने की है।
शिक्षा निदेशालय सरकारी स्कूल के शिक्षकों को प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग कराने जा रहा है। आगामी 17 दिसंबर से 27 दिसंबर तक यह ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षा निदेशालय का मानना है कि अकसर स्कूलों में बच्चों के साथ ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जब उन्हें डॉक्टर की जरूरत पड़ती है। यदि शिक्षक प्राथमिक उपचार में प्रशिक्षित हो तो बच्चे को अप्रिय स्थिति में वह भी उपचार कर सकते हैं। सेंट जॉन एंबुलेंस एसोसिएशन के सहयोग से यह ट्रेनिंग कराई जाएगी।
इस ट्रेेनिंग के लिए शिक्षकों के तीन बैच बनाए गए हैं। पहले बैच के अंतर्गत पश्चिमी व उत्तरी पश्चिमी जिले के 33 शिक्षक, दूसरे बैच में इसी जिले के 34 शिक्षक व तीसरे बैच में इसी जिले के 33 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस तरह के प्रशिक्षण का मकसद उन्हें मेडिकल स्तर पर हर स्थिति से निपटने में सक्षम बनाना है। उन्हें ऐसा प्रशिक्षण मिले तो अप्रिय घटना को रोकने में मदद मिलेगी।