हेडिंग: ओपन एरिया में गड़बड़ी की जुगत में बिल्डर
ग्रेनो प्राधिकरण में नक्शा रिवाइज करने को आवेदन कर रहे
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। अगर आपने ग्रेटर नोएडा में किसी बिल्डर प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदा है तो सतर्क रहें। बिल्डर ओपन एरिया में गड़बड़ी की जुगत में लगे हैं। कई बिल्डरों ने ग्रेनो प्राधिकरण में नक्शा रिवाइज करने के लिए आवेदन किया है।
दरअसल, बिल्डर जिस समय योजना लांच करते हैं उस समय खरीदारों को लुभाने के लिए ग्रीन एरिया व कॉमन फैसिलिटी का एरिया अधिक दिखा देते हैं, जिससे लोग आकर्षित हो सकें, जबकि प्राधिकरण से वे कुछ और नक्शा पास करा चुके होते हैं। तय मानक के अनुसार बिल्डर प्रोजेक्ट में कुल जमीन का 60 प्रतिशत ओपन एरिया रखना पड़ता है, लेकिन लॉंचिंग के समय बिल्डर खरीदारों को लुभाने के लिए तय मानक से अधिक ओपन एरिया छोड़ देते हैं। इससे आकर्षित होकर खरीदारों ने घर बुक करा लिया। अब बिल्डर नक्शा रिवाइज कराकर उस ओपन एरिया फ्लैट या दुकान बनाकर बेचने की तैयारी में है। इसके लिए वे प्राधिकरण में आवेदन कर रहे हैं।
रेरा में शिकायत पर ही रोक संभव
जानकारों का कहना है कि अगर बिल्डर पहला फेज बेच चुका है और रिवाइज कराकर और निर्माण करना चाहता है तो उसके खिलाफ रेरा में शिकायत की जा सकती है। रेरा उस पर रोक लगा सकता है। जिस समय बिल्डर ने प्रोजेक्ट लांच किया है उस समय का ब्रोशर भी शिकायत के साथ लगाया जा सकता है। खरीदारों को सतर्क रहना चाहिए और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जानकारी लेते रहना चाहिए।
कोर्ट जाने की चेतावनी
नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार का कहना है कि कोई भी बिल्डर नक्शा रिवाइज करता है तो उसे सबसे पहले 70 फीसदी खरीदारों से सहमति लेनी होगी। बिना सहमति के अगर नक्शा रिवाइज हुआ तो बिल्डर और प्राधिकरण के खिलाफ रेरा या फिर कोर्ट की शरण ली जाएगी।
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संशोधित नक्शा पास कराने के लिए कई आवेदन आए हैं। इनका परीक्षण कराया जा रहा है। सोसायटी में ओपन एरिया के लिए जो मानक तय हैं उनका पालन कराया जाएगा, लेकिन अगर मानक का पालन किया जा रहा है तो उस पर रोक लगाने का कोई विकल्प प्राधिकरण के पास नहीं है।
- नरेंद्र भूषण, सीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण