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महिलाओं में फैलते ओवेरियन सिंड्रोम के खिलाफ हुई वॉकथॉन

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महिलाओं में फैलते ओवेरियन सिंड्रोम के खिलाफ वॉकथॉन
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- दिल्ली की स्त्री रोग विशेषज्ञ हुईं एकजुट, दिया संदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश की महिलाओं में लगातार फैल रहे पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) के खिलाफ जागरूकता लाने के लिए रविवार को वॉकथॉन आयोजित हुई। इस दौरान दिल्ली की स्त्रीरोग विशेषज्ञों ने इसमें भाग लिया। बेयर जायडस फार्मा, दिल्ली गायनाकोलॉजिस्ट फोरम और दिल्ली गायनाकोलॉजिस्ट फोरम (दक्षिण) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में बीमारी पर चर्चा हुई और ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इसके प्रति जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है। हार्मोंस से होने वाली गड़बड़ी से होने वाले रोग पीसीओएस पर विचार-विमर्श की शुरुआत करने के लिए भाग लिया। ये बीमारी हार्मोंस में असंतुलन से होता है, जो दुनिया भर में मां बनने की उम्र वाली 5 महिलाओं में से 1 महिला को प्रभावित करता है। इस सिंड्रोम की पहचान महिलाओं के शरीर में पुरुष हार्मोन, एंड्रोजन की अधिकता से होती है, जिसके कारण चेहरे पर मुहांसे हो जाते हैं, अनचाहे बाल आ जाते है और वजन बढ़ जाता है।
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फोरम की महासचिव डॉ. शारदा जैन ने कहा कि पीसीओएस को आमतौर पर साइलेंट डिसआर्डर माना जाता है। इससे पीड़ित आधी से ज्यादा महिलाओं में इसकी पहचान नहीं होती। इससे महिलाओं में डिप्रेशन के अलावा टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा और गर्भावस्था के दौरान होने वाली परेशानियां बढ़ जाता है। बहुत सी महिलाओं को इस सिंड्रोम की जानकारी नहीं होती और सबसे बड़ा तथ्य यह है कि इससे प्रभावित महिलाओं को किसी तरह का दर्द नहीं होता।
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