डीयू में पदों की भर्ती के लिए दोबारा
न निकालें विज्ञापन : हंसराज सुमन
- उपकुलपति को पत्र लिखकर की शुद्धि पत्र निकालने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद ने डीयू के विभागों और कॉलेजों में स्थायी भर्ती के लिए निकाले गए विज्ञापनों की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद पदों पर भर्ती ना होने को लेकर डीयू के उपकुलपति को पत्र लिखा है। पत्र में मांग की गई है कि उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन न करना पड़े, इसके लिए लिए शुद्धि पत्र (कोरिजेंडम) निकाला जाए।
विद्वत परिषद के सदस्य हंसराज सुमन ने बताया कि वर्ष-2017 में डीयू के विभिन्न विभागों एवं कॉलेजों में शैक्षिक पदों के लिए विभागों के विज्ञापन फरवरी/मार्च और 45 कॉलेजों ने मार्च से जून तक विज्ञापन निकाले थे। कॉलेजों ने कुल 2047 पदों के विज्ञापन निकाले। इसके अलावा विभागों में सहायक प्रोफेसर-378, एसोसिएट प्रोफेसर -399 और प्रोफेसर-153 पदों के विज्ञापन निकाले गए।
डीयू के विभागों और कॉलेजों द्वारा सहायक प्रोफेसर पदों के लिए निकाले गए विज्ञापन के आधार पर 4 लाख 11 हजार आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे। विश्वविद्यालय ने आवेदन पत्रों की विषयवार स्क्रूटनी और स्क्रीनिंग का कार्य पूरा करने के बाद उम्मीदवारों के अंक विभाजन कर मेरिट लिस्ट बनाई थी। इस बीच 62 विषयों की स्क्रीनिंग लिस्ट तैयार की गई और उनकी लिस्ट संबंधित कॉलेजों व विभागों को भेजी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि स्क्रूटनी और स्क्रीनिंग के बाद दौलतराम कॉलेज के एक विभाग में स्थायी पदों के लिए साक्षात्कार हो चुके हैं। इसी तरह विभागों में 150 पदों पर नियुक्ति की जा चुकी है, किंतु पिछले 10 महीने के बाद से किसी भी कॉलेज व विभाग में स्थायी नियुक्ति नहीं हुई। नाममात्र की कुछ नियुक्तियों के बाद नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह से ठप हो गई। एक दशक से भी अधिक समय से खाली पदों पर पढ़ा रहे एडहॉक शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति न हो पाने के कारण वे बेहद तनाव में हैं। वहीं, विद्वत परिषद की 12 दिसंबर को होने वाली मीटिंग को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है।