सेवानिवृत्ति के करीब कर्मियों की
बदौलत दौड़ेंगी बाइक एंबुलेंस
- बाइक एंबुलेंस पर 50 से ज्यादा उम्र के कर्मचारी किए तैनात
- कैट्स यूनियन ने जताई आपत्ति, एलजी को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली में सरकार लोगों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही बाइक एंबुलेंस चलाएगी, लेकिन उससे पहले ही ये एंबुलेंस अव्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में आ गई हैं। कुछ ही रोज पहले बाइक कंडम स्थिति में सर्विस सेंटर में पाई गईं थीं। अब इनके स्टाफ को लेकर विरोध शुरू हो गया है। उपराज्यपाल तक पहुंची शिकायत के अनुसार, सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचने वाले कर्मियों की बदौलत दिल्ली में बाइक एंबुलेंस दौड़ाने की तैयारी है। जिन लोगों की उम्र 50 से ज्यादा है, उन्हें बतौर पैरामेडिकल स्टाफ के रूप में तैनात किया जा रहा है। जबकि इस तरह की सेवा के लिए ये कर्मचारी पूरी तरह से अनफिट बताए जा रहे हैं। कैट्स ऑफिसर वेलफेयर एसोसिएशन ने भी इसका विरोध किया है। इनकी मानें तो ज्यादा उम्र वाले करीब 100 से अधिक कर्मचारियों की सूची बनाई गई है।
एसोसिएशन के पदाधिकारी धर्मेंद्र तिवारी ने बताया कि बाइक एंबुलेंस के लिए युवा कर्मचारियों की सबसे ज्यादा जरूरत है, क्योंकि ये बाइक एंबुलेंस 24 घंटे पूर्वी दिल्ली की सड़कों पर रहेंगी। सरकार भले ही पायलट प्रोजेक्ट चलाने जा रही है, लेकिन आधी अधूरी तैयारी के साथ इस प्रोजेक्ट को शुरू करना गलत है। ज्यादा उम्र के कर्मचारियों को बाइक एंबुलेंस पर लगाने से किसी को चिकित्सीय सुविधा मिले या नहीं, लेकिन कर्मचारियों का स्वास्थ्य जरूर खराब हो सकता है। बाइक एंबुलेंस पर आक्सीजन सिलिंडर समेत 35 किलो वजन की सामग्री मौजूद होगी। जाहिर है कि इसके लिए शारीरिक तौर पर फिट युवा ही सही साबित हो सकते हैं।