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आप का भाजपा पर वार, तीस लाख वोट काटने का आरोप

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भाजपा ने तीस लाख वोट कटवाए : आप
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वोटर लिस्ट ने नाम निकालने के मामले मेें पार्टी ने बोला हमला
पूर्वी दिल्ली से चार लाख नाम कटवाने का आरोप, जांच की मांग


अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वोटर लिस्ट से नाम निकालने के मामले में आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली में बनिया, मुस्लिम और पूर्वांचलियों के करीब 30 लाख वोट भाजपा ने कटवाए हैं। आप की पूर्वी दिल्ली प्रभारी आतिशी ने दावा किया कि अकेले पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट से करीब चार लाख वोटरों के नाम काट दिये गये हैं। पार्टी ने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए आतिशी ने बताया कि यह मसला तब सामने आया जब तुगलकाबाद विधानसभा में काटे गए लोगों के नाम की आप ने जांच की। इसमें पता चला कि काटे गए नामों में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हैं। किसी विधानसभा से 20 हजार तो किसी में 30 से 40 हजार के बीच नाम काटे गए। पूरी दिल्ली में मनमर्जी से बड़ी संख्या में मतदाता सूची से नाम काट दिए गए हैं।
आतिशी का दावा है कि जांच में पता चला है कि करीब 30 लाख ऐसे लोगों के नाम काटे गए हैं, जो 10-15 साल से एक ही पते पर रह रहे हैं। पूर्वी दिल्ली लोकसभा की दसों विधानसभा सीट पर आप के सर्वे में चार लाख लोगों के नाम गायब मिले।
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आतिशी का आरोप है कि काटे गए नामों में ज्यादातर बनिया, मुस्लिम, और पूर्वांचल समाज से हैं। आतिशी ने अलग-अलग विधान सभाओं के आंकड़े भी पेश किए। साथ ही इतने बड़े घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
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डिस्पेंसरी के खर्च की केंद्र नहीं दे रहा इजाजत : पांडेय
उत्तर पूर्वी दिल्ली लोक सभा प्रभारी दिलीप पांडेय का आरोप है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में केंद्र सरकार की ढुलमुल रवैये से एक साल से डिस्पेंसरी का काम अटका हुआ है। पहले डिस्पेंसरी बनाने के लिए राशि देने में देरी की गई। अब चेक मिलने के बाद उसे खर्च करने के लिए केंद्र से सहमति नहीं मिल रही। पांडेय के मुताबिक, इस मामले में दिल्ली के सातों सांसदों का रवैया भी ठीक नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगले लोक सभा चुनाव में दिल्ली के लोग इसका जवाब भाजपा प्रत्याशियों से मांगेंगे, जिसका हिसाब देना उन पर भारी पड़ेगा। केंद्र से भी आग्रह किया कि वह जल्द चेक की राशि को डिस्पेंसरी पर खर्च करने की इजाजत दे ।
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