एफआईआर और भाषण पर रोक के
खिलाफ केजरीवाल पहुंचे हाईकोर्ट
- चुनाव आयोग ने करवाई थी एफआईआर, भाषण पर लगा दी थी रोक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली है। केजरीवाल ने उनके खिलाफ एफआईआर के आदेश व भाषण देने से रोकने संबंधी आदेश को रद्द करने की मांग की है।
चुनाव आयोग ने गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान जनवरी महीने में घूसखोरी संबंधी आपत्तिजनक बयान पर संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही उनके भाषण देने पर रोक लगा दी थी। न्यायमूर्ति योगेश खन्ना की अदालत में सुनवाई होनी थी लेकिन उनके अवकाश पर होने के कारण यह सुनवाई 18 दिसंबर के लिए टल गई।
पेश याचिका अधिवक्ता ऋषिकेश कुमार व मोहम्मद इरशाद ने अरविंद केजरीवाल के लिए दायर की है। याचिका में कहा गया कि उन्हें भाषण देने से रोकने व प्राथमिकी दर्ज करने के आयोग का 21 व 29 जनवरी 2017 का आदेश मनमाना और भेदभावपूर्ण है। आयोग का आदेश उसकी अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार का हनन है। इसलिए इस आदेश पर रोक लगाई जाए और उसे निरस्त किया जाए। कोर्ट ने इस मामले में पहले आयोग से जवाब मांगा था लेकिन जवाब दाखिल न होने पर उसे पक्ष रखने से मना कर दिया था। आयोग ने कोर्ट से कहा था कि केजरीवाल के खिलाफ गोवा की अदालत में शिकायत लंबित है और अभी तक उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।