अवैध पैथ लैब पर हाईकोर्ट सख्त, स्वास्थ्य सचिव तलब
-कोर्ट ने पूछा स्वास्थ्य सचिव बताएं, क्यों नहीं की जा रही है कोई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने राजधानी में अवैध रूप से चल रहे पैथोलोजी लैब पर कार्रवाई न करने और इनसे संबंधित जानकारी न देने पर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मामले में सुनवाई के लिए 17 दिसंबर की तारीख तय की है।
मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने वाले वकील से पूछा कि राजधानी में चल रहे अवैध पैथ लैब पर क्या कार्रवाई की गई। इस पर सरकार के वकील ने कहा कि इस संबंध में कानून बनाया जा रहा है। इसके लागू होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। खंडपीठ ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार के वकील ने 19 सितंबर को भी यही बात कही थी। ढाई माह बाद भी वही बात दोहराई जा रही है। इन अवैध लैब पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई, स्वास्थ्य सचिव पेश होकर इसका जवाब दें।
कोर्ट ने यह निर्देश बिजोन कुमार मिश्रा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका अधिवक्ता शुशांत देव सुधि के जरिए दायर कर कहा गया है कि राजधानी में हजारों अवैध पैथोलोजी लैब चल रहे हैं और इन्हें अप्रशिक्षित लोग चला रहे हैं। इन्हें चलाने के लिए सरकार को नीति व नियम बनाने का निर्देश दिया जाए।
हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सचिव को इन लैब का निरीक्षण करने और इनके मालिकों का पता लगाने का निर्देश 19 सितंबर को दिया था। यह भी पूछा था कि यह लैब किस कानून के तहत बनाए गए और चलाए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार को शपथ पत्र पेश करने का निर्देश दिया था। सरकार ने कहा था कि लैब के नियंत्रण के लिए कानून बनाया जा रहा है। इसके बाद कोर्ट ने सरकार को छह सप्ताह का समय दिया था।