यूजीसी प्रस्ताव पास होने के बाद
अब अध्यादेश बनने की उम्मीद
- रेगुलेशन-2018 लागू करने संबंधी बनी कमेटी के सदस्यों ने किए हस्ताक्षर
- डीयू में एकेडमिक काउंसिल की बैठक 12 दिसंबर को होगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय व उससे संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों के लिए यूजीसी रेगुलेशन-2018 को लागू करने के लिए शिक्षकों की सेवा शर्तों के लिए विनियमन कमेटी के सदस्यों ने हस्ताक्षर करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट को पास करने के लिए डीयू में 12 दिसंबर को एकेडमिक काउंसिल की बैठक होगी। बैठक में यह प्रस्ताव पास किए जाने की संभावना है। इस तरह से कमेटी की सिफारिशों के जल्द अध्यादेश बनने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों कमेटी के सदस्यों ने एकेडमिक काउंसिल की बैठक जल्द बुलाने के लिए कुलपति को पत्र लिखा था।
डीयू एकेडमिक काउंसिल सदस्य प्रो हंसराज ने बताया कि 12 दिसंबर को हो रही एकेडमिक काउंसिल की बैठक में यूजीसी रेगुलेशन-2018 को पास करने के साथ शिक्षकों के अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। एकेडमिक काउंसिल सदस्य डॉ रसाल सिंह ने कहा कि काउंसिल की बैठक हंगामेदार हो सकती है। मीटिंग में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के विषयों को भी पारित कराया जाएगा। संभावना है कि इतिहास, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र जैसे पाठ्यक्रमों को लेकर हंगामा हो।
प्रो हंसराज नेे कहा कि यूजीसी रेगुलेशन-2018 को लेकर बनी कमेटी ने लगभग 12 बैठकों के बाद शिक्षकों के लिए नई सेवा शर्तों को बेहतर बनाने के लिए उसमें एडहॉक टीचर्स का टीचिंग एक्सपीरियंस जोड़ने, एडहॉक महिला शिक्षिकाओं को मातृत्व अवकाश दिलाने, स्थायी नियुक्ति के समय तदर्थ शिक्षकों को प्राथमिकता देने को लेकर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि काउंसिल की बैठक के बाद दिसंबर माह में अध्यादेश आ जाता है तो आने वाले वर्ष के शुरुआती महीनों में लंबे समय से रुकी नियुक्ति व पदोन्नति संबंधी प्रक्रिया पूरी हो जाएंगी।