नई दिल्ली। दिल्ली में एनआईटी उत्तराखंड के छात्रों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। छात्रों का साथ देने के लिए पूर्व छात्र भी विरोध में शामिल हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि हमने इंजीनियर बनने के लिए एनआईटी में दाखिला लिया था, ताकि पढ़ाई के बाद देश विकास में सहयोग दे सकें। हालांकि कैंपस न होने के चलते पढ़ाई की बजाय अब जंतर-मंतर में विरोध करना पड़ रहा है।
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जंतर-मंतर में बुधवार को एनआईटी उत्तराखंड के छात्र विरोध धरने में बैठे रहे। छात्रों का कहना है कि दो दिन से दिल्ली में विरोध दर्ज करवा रहे हैं, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि हमसे बात करने नहीं आया। हम कोई सरकार से बड़ी मांग नहीं रखे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि सरकार ने मांग नहीं मानी तो वे बड़े स्तर पर विरोध दर्ज करवाएंगे।