नीमका गांव में 40 बीघे में लगी फसल जलमग्न
- पुल निर्माण के लिए माइनर बंद होने से किसानों के खेतों में पहुंचा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
जेवर। जेवर के नीमका गांव के किसानों की 40 बीघे में लगी फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डीएम वाररूम ग्रुप पर इसकी शिकायत की थी। जिसके के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने किसानों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
जेवर के नीमका गांव के समीप चौरोली माइनर पर नीमका से रामनेर जाने वाले रास्ते पर पुल निर्माण के चलते माइनर में मिटटी डालकर बंद कर दिया गया था। माइनर के आसपास किसानों ने कुछ दिनों पहले ही गेहूं की फसल बोई थी। आरोप है कि किसानों ने पुल निर्माण कर रहे ठेकेदार से बाजौता रजवाहे से निकलने वाले चौरोली माइनर को बंद कराने की भी अपील की थी लेकिन ठेकेदार व सिंचाई विभाग दोनों ने किसानों की बात नहीं सुनी। बृहस्पतिवार रात को माइनर में पानी छोड़ा गया। नीमका गांव के समीप पुल निर्माण की वजह से बंद माइनर से आगे पानी सप्लाई बाधित होने के चलते माइनर ने नीमका गांव के किसान राकेश व राजकुमार की 19 बीघा, सुमित्रा देवी की चार बीघा, विरेंद्र व पोपपाल की छह बीघा, व भीम सिंह, विरेंद्र व केप्रसाद की जमीन में एक फुट तक पानी भर गया। सूचना के बाद तहसील की टीम ने मौके का निरीक्षण किया है।
ग्राम प्रधान अरविंद सिंह ने लगभग 40 बीघे में लगी फसल बर्बाद होने की सूचना दी थी। जिसके बाद तहसील की टीम को मौके पर भेज जांच कराई गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - विजय शंकर मिश्रा तहसीलदार जेवर