चलती से बस से गिरकर मौत मामले में 33 लाख का मुआवजा
- अदालत ने कहा हादसे के लिए बस चालक था जिम्मेदार
अमर उजाला ब्यूरो,
नई दिल्ली। सड़क हादसे में अपनी जान गंवा चुके 32 वर्षीय शख्स के आश्रितों को 33 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश मोटर वाहन दुर्घटना पंचाट (एमएसीटी) ने दिया है। दरअसल, यह शख्स बस से यात्रा कर रहा था। इसी दौरान गाड़ी का पिछला दरवाजा खुला होने के कारण गिरकर उसकी मौत हो गई थी।
तीस हजारी स्थित एमएसीटी जज पवन कुमार जैन ने मृतक प्रेम चंद्र गिरी की पत्नी, दो बच्चों व बुजुर्ग माता पिता को 33 लाख 30 हजार 631 रुपये का मुआवजा देने का निर्देश नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को दिया है।
कोर्ट में पेश याचिका के मुताबिक प्रेम चंद्र परिवार में कमाने वाला अकेला शख्स था, जिसकी चार नवंबर 2015 को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पत्नी के मुताबिक प्रेम चंद की यमुना पुल के पास चलती बस से गिरने से मौत हो गई थी क्योंकि कंडक्टर के कई बार कहने के बाद भी चालक ने पिछला दरवाजा बंद नहीं किया था। अदालत ने इस बात पर गौर किया कि इस मामले में बस चालक की लापरवाही है। वह तेज गति से बस चला रहा था और गाड़ी का पिछला दरवाजा खुला हुआ था। अदालत ने इस हादसे के पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए बस मालिक व चालक को संयुक्त रूप से जिम्मेदार माना हैं।